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आज का योग: एसिडिटी से परेशान लोगों के लिए इन योगासनों का अभ्यास है फायदेमंद, जल्द ही दिखने लगेगा लाभ

Tue, 18 Jan 2022 12:12 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एसिडिटी और पेट की समस्या - फोटो : P
खान-पान में गड़बड़ी के कारण एसिडिटी की समस्या होना सामान्य है। हम सभी ने अपने जीवन में कभी न कभी एसिडिटी की समस्या का सामना किया है। इसे एसिड रिफ्लक्स के रूप में भी जाना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अत्यधिक तैलीय, नमकीन, मसालेदार भोजन करने के कारण इस तरह की समस्या हो सकती है। इसके अलावा अधिक मात्रा में कैफीन, तंबाकू और शराब का सेवन भी इस समस्या को और बढ़ा सकता है। एसिडिटी बढ़ने का एक और संभावित कारण खाना खाने के तुरंत बाद सोना भी हो सकता है। ये सभी आदतें आपके लिए कई अन्य तरीके से भी हानिकारक हो सकती हैं। 

यदि आपको एसिडीटी की समस्या लगातार बनी रहती है तो इसके लिए कुछ योगासनों का अभ्यास करना लाभदायक हो सकता है। योग के माध्यम से पाचन में सुधार करने के साथ एसिडिटी जैसी दिक्कतों को भी कम किया जा सकता है। आइए आगे की स्लाइडों में ऐसे ही कुछ योगसनों के बारे में जानते हैं जिनका नियमित रूप से अभ्यास करना आपके लिए विशेष लाभदायक हो सकता है।
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कैट काई पोज का अभ्यास - फोटो : iStock
मार्जरी आसन
मार्जरी आसन या कैट काऊ पोज का अभ्यास करना एसिडिटी की समस्या को कम करने में लाभदायक हो सकता है। यह आसन शरीर के रक्त परिसंचरण में सुधार करने के साथ, पाचन से संबंधित अंगों को आराम दिलाने में मदद करती है। पाचन क्रिया में सुधार करने से लेकर पेट की मांसपेशियों को आराम दिलाने तक के लिए कैट काऊ पोज का अभ्यास करना आपके लिए फायदेमंद होता है। एसिडिटी की समस्या से परेशान लोगों के लिए इस योग का अभ्यास करना लाभदायक माना जाता है।
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पवनमुक्तासन योग के लाभ - फोटो : istock
पवनमुक्तासन योग
पवनमुक्तासन का नियमित अभ्यास मल त्याग की प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद करने के साथ पाचन तंत्र से अपशिष्ट और विषाक्त पदार्थों को निकालने के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। पाचन कार्य सही तरीके से होने से एसिडिटी और पेट की अन्य समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है। जिन लोगों को पाचन संबंधी दिक्कतें रहती हैं, उन्हें रोजाना इस योग का अभ्यास जरूर करना चाहिए।
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वज्रासन योग करने के फायदे - फोटो : Pixabay
वज्रासन योग
वज्रासन योग का नियमित रूप से अभ्यास करना पेट और आंत में रक्त के प्रवाह को बढ़ाती है और भोजन को प्रभावी ढंग से पचाने में मदद करती है। पाचन तंत्र की कमजोर से परेशान लोगों को भी इस योग के नियमित अभ्यास से लाभ मिलता है। योग विशेषज्ञों के मुताबिक पाचन की समस्याओं को दूर करने के साथ पीठ के निचले हिस्से में दर्द को दूर करने और नींद की गुणवत्ता में सुधार करने में भी इस योग के नियमित अभ्यास को फायदेमंद माना जाता है।


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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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