भावनात्मक लाभ
नियमित योग करने से एंडोर्फिन हार्मोन (खुशी का हार्मोन) निकलता है, जिससे तन-मन में खुशी व आत्मविश्वास का संचार होता है। यानी काम में अधिक मन रमता है, जो सफलता की राह पर अग्रसर करता है। साथ ही यह बच्चों को खुद पर ध्यान केंद्रित करना और कमियों से अवगत होना भी सिखाता है।
योग बच्चों को उनकी भावनाओं के साथ पहचान, नियंत्रण और व्यवहार करने में मदद करता है। यह उनकी मन की स्थितियों को नियंत्रित करता है।
योग भीतर की खुशी भी खोजने में मदद करता है, जिससे सोच सकारात्मक होती है। यही सोच कठिन से कठिन काम को कर गुजरने के लिए प्रेतित करती है। साथ ही हिम्मत बांधती है कि कैसी भी परिस्थिति आए, घबराएं नहीं और लक्ष्य से डगमगाएं नहीं। कभी न कभी सफलता अवश्य मिलेगी।