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Yoga Tips: सेंडेंटरी लाइफस्टाइल से परेशान हैं तो आसानी से इन योगासनों का अभ्यास करके पा सकते हैं लाभ

Fri, 08 Jul 2022 01:29 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नियमित रूप से योग करने के लाभ - फोटो : istock
सेंडेंटरी लाइफस्टाइल को स्वास्थ्य विशेषज्ञ तेजी से बढ़ती तमाम तरह की बीमारियों के प्रमुख कारक के तौर पर देखते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शारीरिक रूप से सक्रियता बना रहना बहुत आवश्यक होता है। वहीं जिन लोगों के दिन का ज्यादातर समय ऑफिस में बैठे या फिर घर में आराम करते हुए बीतता है, उनमें कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का जोखिम हो सकता है।

सेंडेंटरी लाइफस्टाइल को डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, रक्त संचरण की समस्या सहित कई प्रकार की अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम के तौर पर जाना जाता है। इस तरह की दिक्कतों से बचे रहने के लिए योग-व्यायाम की आदत बनाना काफी फायदेमंद हो सकता है।

योगासनों के अभ्यास की आदत शरीर में रक्त के संचार को ठीक बनाए रखने के साथ हड्डियों और मांसपेशियों के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है। योग के अभ्यास की आदत शरीर की बेहतर स्ट्रेचिंग करने के साथ आपको शारीरिक और मानसिक दोनों तरीके से फिट बनाए रखने में भी सहायक है। आइए जानते हैं कि सेंडेंटरी लाइफस्टाइल से परेशान लोग किन आसनों को दिनचर्या में शामिल करके आसानी से लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
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अधोमुख शवासन करने के फायदे - फोटो : Pixabay
अधोमुख शवासन योग का अभ्यास

शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करने के साथ सभी अंगों में रक्त के संचार को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए अधोमुख शवासन योग का अभ्यास काफी लाभप्रद होता है। यह कंधों से तनाव को कम करने के साथ, गर्दन को आराम देने और मस्तिष्क में रक्त प्रवाह को ठीक करने में आपके लिए काफी फायदेमंद अभ्यास हो सकता है। सिर से लेकर पैर तक की सभी बड़ी मांसपेशियों का इससे अभ्यास हो जाता है। 
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रोजाना कीजिए मत्स्यासन का अभ्यास - फोटो : iStock
मत्सयासन योग के लाभ

मत्सयासन योग को शारीरिक और मानसिक, दोनों तरह की सेहत को फिट बनाए रखने के लिए काफी असरदार अभ्यास के तौर पर जाना जाता है। लंबे समय तक समय ऑफिस में बैठे रहने के कारण कमर और गर्दन में दर्द होना काफी सामान्य है, इस योग के अभ्यास की आदत छाती की मांसपेशियों को फैलाने के साथ गर्दन, गले और सिर में रक्त के संचार को बढ़ाकर दर्द से राहत दिलाने में काफी सहायक है। 
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cat pose मार्जरी आसन के लाभ - फोटो : istock
मार्जरी आसन के लाभ

मार्जरी आसन जिसे कैट काऊ पोज के रूप में भी जाना जाता है, यह अभ्यास सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के कारण होने वाली पीठ और रीढ़ की समस्याओं में काफी कारगर है। यह गर्दन को रीढ़ की स्थिति में वापस लाने में भी मदद करती है। पेट के अंगों के साथ कमर और रीढ़ की स्थित को ठीक रखने और अनावश्यक तनाव-दर्द की समस्या से राहत दिलाने के लिए इस योगासन के अभ्यास की आदत लाभकारी हो सकती है। 


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नोट:
यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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