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Yoga Tips: पेट की मांसपेशियों को टोन करने से लेकर पाचन ठीक रखने तक, इन योगासनों के अभ्यास से पा सकते हैं लाभ

Mon, 26 Sep 2022 12:24 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पाचन को ठीक रखने के लिए योगासन - फोटो : pixabay
संपूर्ण शरीर को स्वस्थ और फिट बनाए रखने के लिए पाचन अंगों का स्वस्थ रहना बहुत आवश्यक माना जाता है। भोजन के पाचन से लेकर पोषक तत्वों के अवशोषण तक के लिए इन अंगों की विशेष भूमिका होती है। ऐसे में पाचन अंगों की सेहत का ख्याल रखना बहुत आवश्यक हो जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं इसके लिए दिनचर्या में योगासनों को शामिल करने की आदत बनाना काफी लाभकारी हो सकता है।

योग न सिर्फ पाचन स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मददगार होते हैं साथ ही पेट की मांसपेशियों को टोन करने और पेट से अतिरिक्त फैट को कम करने में भी योगाभ्यास से लाभ मिल सकता है।

योग विशेषज्ञ कहते हैं, नियमित रूप से दिनचर्या में कुछ प्रकार के योगासनों को शामिल करके बिना जिम गए भी आप पेट की मांसपेशियों को टोन कर सकते हैं। कुछ योगासनों के अभ्यास को शारीरिक-मानसिक दोनों तरह की सेहत को बेहतर बनाए रखने में कारगर पाया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कम उम्र से ही इसे दिनचर्या का हिस्सा बनाकर आप भविष्य में होने वाली कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे से सुरक्षित रह सकते हैं। आइए ऐसे ही कुछ योगासनों के बारे में जानते हैं।
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नौकासन के फायदे - फोटो : istock
नौकासन योग के अभ्यास की बनाइए आदत

नौकासन योग पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने में सहायक है। बाहों, जांघों और कंधों की मांसपेशियों को मजबूती देने के साथ पेट के सभी अंगों विशेषकर यकृत, अग्न्याशय और गुर्दे के स्वास्थ्य में सुधार करने में भी इस योग के अभ्यास के लाभ देखे गए हैं।

कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि नौकासन योग की आदत बनाना डायबिटीज में भी लाभकारी हो सकता है। यह शुगर के स्तर को रक्त के प्रवाह में नियंत्रित करने में मदद करता है। नियमित रूप से इस योग की आदत बनाकर लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
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धनुरासन योग से पाचन स्वास्थ्य रहता है ठीक - फोटो : iStock
धनुरासन योग का अभ्यास

पेट की मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग करने और पाचन प्रक्रिया में सुधार करने में धनुरासन योग का अभ्यास भी लाभकारी हो सकता है। यह योगाभ्यास आपके टखनों, जांघों, छाती, गर्दन और कंधों की ताकत में सुधार करता है। पेट को टोन करने और अतिरिक्त फैट को कम करके इसके कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करने में भी धनुरासन योग के अभ्यास की आदत बनाने से लाभ मिल सकता है। सांस की क्षमता में सुधार करने के लिए भी इस योग से लाभ पाया जा सकता है।
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उत्तानासन योग से होने वाले स्वास्थ्य लाभ - फोटो : Pixabay
उत्तानासन योग के अभ्यास से भी मिलता है लाभ

उत्तानासन योग को अपने दैनिक योग अभ्यास सूची में शामिल करने के कई प्रकार के लाभ हैं। इसके अभ्यास से शारीरिक मुद्रा में सुधार करने में मदद मिल सकती है। योग के अभ्यास के दौरान आगे की तरफ झुकने से पेट पर दबाव बढ़ता है जिससे पेट की मांसपेशियों को टोन करने और अंगों को स्वस्थ रहने में मदद मिल सकती है। पीठ की जकड़न और गर्दन के तनाव को दूर करने के साथ शरीर के लचीलेपन को बढ़ाने में इस योग के लाभ देखे गए हैं।



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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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