Navratri 2022
- फोटो : अमर उजाला
ये है कन्या पूजन की विधि
- स्नान करने के पश्चात् कन्याओं के लिए भोजन अर्थात पूरी, हलवा, खीर, चने आदि को तैयार कर लेना चाहिए।
- कन्याओं के पूजन के साथ बटुक पूजन का भी महत्त्व है, दो बालकों को भी साथ में पूजना चाहिए। एक गणेश जी के निमित्य और दूसरे बटुक भैरो के निमित्य कहीं कहीं पर लोग तीन बटुकों का भी पूजन करते हैं और तीसरा स्वरुप हनुमान जी का मानते हैं।
- कन्या पूजन बिना बटुक पूजन के अधूरी होती है।
- कन्याओं को माता का स्वरुप समझ कर पूरी भक्ति-भाव से कन्याओं के हाथ पैर धुला कर उनको साफ सुथरे स्थान पर बैठाएं।
- सभी कन्याओं के मस्तक पर तिलक लगाएं, लाल पुष्प चढ़ाएं, माला पहनाएं, चुनरी अर्पित करें उसके बाद ही भोजन कराएं।
- भोजन में मीठा अवश्य हो, इस बात का ध्यान रखें।
- भोजन के बाद कन्याओं के विधिवत कुंकुम से तिलक करें।
- कन्याओं के चरणों में पुष्प अर्पण कर उन्हें ससम्मान विदा करें।