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Navratri 2022: कानपुर में नवरात्र के प्रथम दिन जयकारे से गूंजे माता के मंदिर, उमड़ा भक्तों का सैलाब

Mon, 26 Sep 2022 12:18 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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Navratri 2022 - फोटो : अमर उजाला
नवरात्र के पहले दिन सोमवार सुबह से ही माता के मंदिरों के बाहर भक्तों का जन सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंज उठे। सुबह मंगला आरती के बाद करीब चार बजे माता के दर्शन के लिए पट खोल दिए गए। बारादेवी, तपेश्वरी मंदिर, जंगली देवी मंदिर, वैष्णो देवी मंदिर दामोदर नगर, काली मठिया शास्त्री नगर मंदिर, दुर्गा मंदिर गोविंद नगर में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली।

इन नौ दिनों में कम से कम 25 बार दुर्गा सरस्वती का पाठ करना चाहिए। घर में शांति के लिए सात बार पाठ करें। किसी कार्य को सफल बनाने के लिए 12 बार, किसी ग्रह को मजबूत करने के लिए 20 बार पाठ करें। पं. पद्मेश ने बताया कि रोजाना दो से नौ साल की कन्याओं को दान-पुण्य अवश्य करें। इससे मां भगवती की कृपा आप पर बनी रहेगी।
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Navratri 2022 - फोटो : अमर उजाला
नवरात्र पर रहेगी चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था
शारदीय नवरात्र के मद्देनजर कानपुर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के साथ ही श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान सहूलियत देने के भी इंतजाम किए हैं। प्रमुख मंदिरों पर पुलिस व पीएसी के जवान तैनात रहेंगे। कैमरों से निगरानी होगी। पार्किंग की भी व्यवस्था की गई है। जिन मंदिरों में अधिक श्रद्धालु जाते हैं वहां पर अधिक सुरक्षा बल तैनात किया गया है।
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Navratri 2022 - फोटो : अमर उजाला
बिना कन्या पूजन अधूरे हैं नवरात्र के सभी व्रत और अनुष्ठान
आचार्य विष्णु महाराज ने बताया कि नवरात्र के दौरान कन्या पूजन का विशेष महत्व है। यदि कोई सच्चे मन से देवी मां की आराधना करते हुए कन्याओं का पूजन करता है तो उसकी सभी मनोकामनाएं बहुत जल्द पूरी होती हैं। जिस तरह बिना कलश पूजन के नवरात्र के सभी व्रत और अनुष्ठान अधूरे हैं उसी प्रकार कन्या पूजन करना आवश्यक है। कम ही लोगों को कन्या पूजन की सही विधि, कन्या पूजन के लाभ व इससे जुड़ी विशेष बातें पता होती हैं।

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Navratri 2022 - फोटो : अमर उजाला
कन्या पूजन से फल की प्राप्ति
- एक कन्या की पूजा से ऐश्वर्य
- दो की पूजा से भोग और मोक्ष
- तीन की अर्चना से धर्म, अर्थ व काम
- चार की पूजा से राज्यपद
- पांच की पूजा से विद्या
- छ: की पूजा से छ: प्रकार की सिद्धि
- सात की पूजा से राज्य
- आठ की पूजा से संपदा
- नौ की पूजा से पृथ्वी के प्रभुत्व की प्राप्ति।
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Navratri 2022 - फोटो : अमर उजाला
ये है कन्या पूजन की विधि 
-  स्नान करने के पश्चात् कन्याओं के लिए भोजन अर्थात पूरी, हलवा, खीर, चने आदि को तैयार कर लेना चाहिए।
- कन्याओं के पूजन के साथ बटुक पूजन का भी महत्त्व है, दो बालकों को भी साथ में पूजना चाहिए। एक गणेश जी के निमित्य और दूसरे बटुक भैरो के निमित्य कहीं कहीं पर लोग तीन बटुकों का भी पूजन करते हैं और तीसरा स्वरुप हनुमान  जी का मानते हैं।
-  कन्या पूजन बिना बटुक पूजन के अधूरी होती है।
- कन्याओं को माता का स्वरुप समझ कर पूरी भक्ति-भाव से कन्याओं के हाथ पैर धुला कर उनको साफ सुथरे स्थान पर बैठाएं।
- सभी कन्याओं के मस्तक पर तिलक लगाएं, लाल पुष्प चढ़ाएं, माला पहनाएं, चुनरी अर्पित करें उसके बाद ही भोजन कराएं।
-  भोजन में मीठा अवश्य हो, इस बात का ध्यान रखें।
- भोजन के बाद कन्याओं के विधिवत कुंकुम से तिलक करें।
- कन्याओं के चरणों में पुष्प अर्पण कर उन्हें ससम्मान विदा करें।
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