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Yoga Tips: प्रजनन संबंधी विकारों का दूर होगा खतरा, विशेषज्ञों ने इन योगासनों को पाया लाभकारी

Wed, 02 Nov 2022 11:34 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रजनन समस्याओं में योग से मिलता है लाभ - फोटो : Istock
प्रजनन संबंधी समस्याएं पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ती हुई देखी गई हैं। पुरुष और महिलाएं, दोनों को ही इसका शिकार पाया जा रहा है। शोधकर्ता बताते हैं, इसके कई कारण हो सकते हैं, जिसमें लाइफस्टाइल से संबंधित विकारों, खान-पान में गड़बड़ी और चिंता-अवसाद जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को प्रमुख माना जा रहा है। प्रजनन संबंधी इन विकारों के इलाज के लिए भी खूब खर्च की जरूरत होती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, प्रजनन विकारों और लोगों में बढ़ी रही नपुंसकता की समस्या को कम करने के लिए लाइफस्टाइल में सुधार करना बहुत आवश्यक है। इसके लिए दिनचर्या में योगासनों को शामिल करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

योगासन न सिर्फ आपको शारीरिक-मानसिक तौर पर फिट रखने में सहायक होते हैं साथ ही इससे प्रजनन समस्याओं और उसके कारकों को भी कम किया जा सकता है। अध्ययनों में पाया गया है कि जिन लोगों ने नियमित रूप से योगासनों का अभ्यास किया उनमें अन्य लोगों का तुलना में गर्भधारण से संबंधित विकारों का जोखिम कम देखा गया। आइए जानते हैं कि किन योगासनों के अभ्यास की आदत इसमें आपके लिए लाभकारी हो सकती है?
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नियमित योगासनों के अभ्यास से पाएं लाभ - फोटो : Istock
प्रजनन समस्याओं में योगासनों के लाभ

योगासन समग्र स्वास्थ्य में सुधार करने के अलावा प्रभावी तरीके से प्रजनन विकारों को दूर करने का बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
  • योग अंडाशय और गर्भाशय को उत्तेजित करता है।
  • ऊर्जा चैनलों को शुद्ध करके शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है।
  • कमर और कूल्हों को लचीला बनाता है।
  • प्रजनन अंगों में रक्त प्रवाह और आपूर्ति में सुधार करता है।
  • तनाव और चिंता को दूर करता है।
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पश्चिमोत्तानासन योग से होने वाले स्वास्थ्य लाभ - फोटो : Pixabay
पश्चिमोत्तानासन योग का करें अभ्यास

पश्चिमोत्तानासन योग को शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है। आगे की ओर झुकने का यह अभ्यास पीठ के निचले हिस्से, हैमस्ट्रिंग और कूल्हों को स्ट्रेच करता है। इस योग के अभ्यास के माध्यम से गर्भाशय और अंडाशय को उत्तेजित करने में मदद मिलती है। इस योग को तनाव दूर करने वाला भी माना जाता है।

शारीरिक-मानसिक दोनों प्रकार की सेहत को ठीक करके प्रजनन विकारों को दूर करने के लिए पश्चिमोत्तानासन योग का नियमित अभ्यास करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
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बटर फ्लाई पोज करने से होने वाले लाभ - फोटो : istock
बद्धकोणासन (तितली पोज)

बद्धकोणासन योग के नियमित अभ्यास की आदत बनाने से भी प्रजनन समस्याओं को दूर करने में सहायता मिल सकती है। इस योग के अभ्यास को जांघों के भीतरी हिस्से, कमर और घुटनों की स्ट्रेचिंग के लिए फायदेमंद माना जाता है। प्रजनन अंगों में रक्त के संचार को बढ़ाने और मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में इस आसन से विशेष लाभ प्राप्त किया जा सकता है। बद्धकोणासन का अभ्यास बहुत आसान है और इसे हर उम्र के लोग करके आसानी से लाभ पा सकते हैं। 



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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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