बढ़े हुए रक्तचाप के स्तर यानी की हाइपरटेंशन को 'साइलेंट किलर' डिजीज माना जाता है, इसका शरीर के कई अंगों पर गंभीर रूप से नकारात्मक असर हो सकता है। पिछले कुछ समय से कम उम्र के लोगों में भी यह समस्या काफी तेजी से बढ़ती हुई देखी जा रही है, इसके लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ आहार में गड़बड़ी और जीवनशैली की समस्याओं को प्रमुख कारण मानते हैं। विशेषकर सेंडेंटरी लाइफस्टाइल यानी की शारीरिक निष्क्रियता को गंभीर जोखिम कारक के तौर पर देखा जाता रहा है।
रक्तचाप अगर लगातार बढ़ा रहता है और इसे नियंत्रित करने के उपाय नहीं किए जाते तो इसके कारण हृदय रोगों और गंभीर स्थितियों में हार्ट अटैक का खतरा काफी बढ़ जाता है।
इस वैश्विक बीमारी के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 17 मई को वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे मनाया जाता है। साल 2022 के लिए वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे का थीम है- ''रक्तचाप को सही तरीके से मापें, इसे नियंत्रित करें, लंबे समय तक जीवित रहें''।
अध्ययनों से पता चलता है कि जीवनशैली की निष्क्रियता को कम करके, योग-व्यायाम करने की आदत बनाकर हाइपरटेंशन को काफी हद तक नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। आइए जानते हैं कि दिनचर्या में किन योगासनों को शामिल करके ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है?