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Yoga Tips: अग्न्याशय का स्वस्थ रहना, डायबिटीज-पाचन को ठीक रखने के लिए आवश्यक, इन योगासनों से पा सकते हैं लाभ

Tue, 08 Nov 2022 01:49 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अग्नाशय को स्वस्थ रखने के लिए करें योग - फोटो : istock
योग के नियमित अभ्यास की आदत शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत के लिए आवश्यक माना जाता है। शारीरिक निष्क्रियता के कारण बढ़ रही कई तरह की समस्याओं के जोखिम को कम करने के लिए दिनचर्या में योगासनों को शामिल करके लाभ प्राप्त किया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ पाचन अंगों के लिए भी नियमित रूप से योग की आदत बनाने को लाभकारी मानते हैं। अग्न्याशय के कार्यों को बेहतर रखने में भी इससे लाभ प्राप्त किया जा सकता है। अग्न्याशय, खाद्य पदार्थों को तोड़ने के लिए अग्नाशयी एंजाइम नामक प्राकृतिक रस बनाता है। डायबिटीज को कंट्रोल में रखने के लिए भी इस अंग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

अग्न्याशय, इंसुलिन का उत्पादन करता है। मधुमेह वाले लोगों में, अग्न्याशय या तो बहुत कम या बिल्कुल भी इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर पाता है। ऐसे में कुछ योगासनों को दिनचर्या का हिस्सा बनाकर इस अंग के कार्यों को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

यह डायबिटीज की समस्या को ठीक करने और पाचन को बढ़ावा देने में भी मददगार हो सकता है। आइए जानते हैं कि इस अंग के लिए नियमित रूप से कौन से योग का अभ्यास करना लाभकारी हो सकता है?
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योग के नियमित अभ्यास की बनाएं आदत - फोटो : Pixabay
मयूरासन योग से होने वाले फायदे

अग्न्याशय के कार्यों को बेहतर बनाने और डायबिटीज की समस्या से राहत पाने के लिए विशेषज्ञ मयूरासन योग के अभ्यास की सलाह देते हैं। मयूरासन पेट, आंत, लिवर, अग्न्याशय और किडनी सहित पेट के अन्य कई अंगों को मजबूत और सक्रिय करता है। इस योग के अभ्यास से इंसुलिन के स्राव को ठीक करने में भी मदद मिल सकती है। योग विशेषज्ञ कहते हैं, यह अभ्यास फेफड़ों को भी उत्तेजित करके रक्त परिसंचरण में सुधार करने और श्वसन विकारों के जोखिम को कम करने में सहायक है।
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गोमुखासन योग के लाभ - फोटो : istock
गोमुखासन योग से लाभ

गोमुखासन योग का अभ्यास हर उम्र के लोग आसानी से करके कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं। किडनी और अग्न्याशय  को उत्तेजित करने में इसके लाभ देखे गए हैं। साइटिका और उच्च रक्तचाप की समस्या से परेशान लोगों के इलाज के साथ रीढ़ को लचीला और मजबूत बनाने के साथ शारीरिक मुद्रा को ठीक रखने में इस योग के अभ्यास के लाभ हो सकते हैं। इस योग के नियमित अभ्यास से कई प्रकार के लाभ हैं।
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उत्तानासन योग के अभ्यास से लाभ - फोटो : istock
उत्तानासन योग का करिए अभ्यास

फॉरवर्ड बेंड या उत्तानासन पोज, सामने की तरफ सीधे झुकने का अभ्यास है, यह कूल्हों, हैमस्ट्रिंग और पैरों के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है। पाचन अंगों के कार्यों को बेहतर बनाए रखने में भी उत्तानासन योग के लाभ देखे गए हैं। इंसुलिन के स्राव को बढ़ाने और रीढ़, गर्दन और पीठ के तनाव को दूर करने में इस योग के नियमित अभ्यास के लाभ हैं। यह अंग पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करता है जिससे पाचन स्वास्थ्य में सुधार होता है।



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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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