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World Lung Day 2022: फेफड़ों को स्वस्थ और मजबूत बनाने में सहायक हैं योगाभ्यास, इन आसनों का करिए रोजाना अभ्यास

Sun, 25 Sep 2022 12:44 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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फेफड़ों को स्वस्थ रखने वाले योगासन - फोटो : iStock
शरीर में प्राणदायनी ऑक्सीजन के संचार को सुनिश्चित करने में फेफड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जब हम सांस लेते हैं तो हवा हमारे फेफड़ों में प्रवेश करती है और यहीं से रक्त में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ता है। फेफड़े न सिर्फ शरीर में ऑक्सीजन को एकत्रित करते हैं साथ ही कार्बन डाइऑक्साइड जैसे अपशिष्ट गैस को शरीर से बाहर करने में भी मदद करते हैं। मसलन शरीर के लिए फेफड़े अति महत्वपूर्ण अंगों में से एक हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हमारी लाइफस्टाइल की कई गलत आदतों के कारण फेफड़ों से संबंधित कई तरह की गंभीर बीमारियों का जोखिम काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है, ध्यान रहे, इस अंग में होने वाली किसी भी तरह की समस्या संपूर्ण शरीर की सेहत को प्रभावित कर सकती है।

फेफड़ों की बढ़ती बीमारियों को कम करने और इस अंग की सेहत को बेहतर रखने के उपायों के बारे में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 25 सितंबर को वर्ल्ड लंग डे मनाया जाता है। योग के माध्यम से फेफड़ों को मजबूत रखने और इससे संबंधित कई तरह की बीमारियों के जोखिम को कम करने में भी मदद मिल सकती है। योगासनों के अभ्यास से ऑक्सीजन के संचार को बढ़ावा भी दिया जा सकता है। आइए जानते हैं कि किन योगाभ्यासों की आदत इस अंग के लिए फायदेमंद मानी जाती है?
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प्राणायाम योगासनों के लाभ - फोटो : Pixabay
प्राणायाम के आसन से मिलता है लाभ

प्राणायाम के अभ्यास की आदत फेफड़ों की क्षमता में सुधार करने के साथ श्वास विकारों को कम करने, फेफड़ों की बीमारियों के जोखिम को कम करने और रक्त प्रवाह में ऑक्सीजन के संचार को बढ़ावा देने में लाभकारी मानी जाती है। योग विशेषज्ञ बताते हैं, योग विशेषकर प्राणयाम, ब्रोंकाइटिस के कारण अवरुद्ध वायुमार्ग को खोलने में मदद कर सकती है, जो क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) का कारण मानी जाती है। प्राणायाम के शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत से संबंधित लाभ देखे गए हैं।
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फेफड़ों को सेहतमंद रखने वाले योगासन - फोटो : iStock
सुखासन योग की बनाएं आदत

सुखासन योग के अभ्यास की आदत बनाना फेफड़ों को स्वस्थ रखने और ऑक्सीजन के संचार को बढ़ावा देने के लिए कारगर माना जाता है। इस योग के दौरान शरीर को सीधा रखकर बैठने से फेफड़ों का विस्तार होता है और इसकी क्षमता बढ़ती है। शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मन को भी शांत और स्थिर बनाए रखने में इस योग के अभ्यास से लाभ मिल सकता है। फेफड़ों की कई गंभीर समस्याओं के लक्षणों को कम करने में भी सुखासन योग के अभ्यास को लाभकारी पाया गया है।
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फिश पोज योग करने से क्या होता है? - फोटो : iStock
मत्स्यासन योग का करिए अभ्यास

मत्स्यासन योग जिसे फिश पोज के नाम से भी जाना जाता है, यह छाती को खोलने में मदद करता है जिससे शरीर में ऑक्सीजन का संचार बढ़ता है और यह आपको पूरे दिन सक्रिय रखने में सहायक है। फेफड़ों की बीमारियों और श्वसन विकारों के लक्षणों को कम करने में भी इस योग से लाभ मिल सकता है। फेफड़ों के अलावा यह योगासन गर्दन और पेट के हिस्से को स्ट्रेच और टोन करने में भी सहायक है। तनाव-चिंता जैसे मानसिक विकारों को कम करने में भी मत्स्यासन योग का अभ्यास लाभकारी हो सकता है।



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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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