फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yoga Tips: जोड़ों की समस्याओं में योगासनों से मिलता है लाभ, गठिया से बचना है तो जरूर करें ये अभ्यास

Wed, 12 Oct 2022 10:38 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 4
रोजाना योगासनों से आर्थराइटिस में मिलता है लाभ - फोटो : istock
आर्थराइटिस की समस्या वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती हुई देखी जा रही है, कम उम्र के लोग भी जोड़ों की इस दिक्कत के शिकार हो रहे हैं। आर्थराइटिस के कारण थोड़ी दूर चलना, सीढ़ियां चढ़ना तक भी कठिन हो जाता है। जोड़ों में दर्द की यह समस्या काफी कष्टकारक होती है और जीवन की गुणवत्ता को भी प्रभावित कर सकती है। यही कारण है कि सभी उम्र के लोगों को दिनचर्या को ठीक रखने और शारीरिक सक्रियता को बढ़ाने की सलाह दी जाती है जिससे इस तरह की समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सके। वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती इस समस्या के जोखिम को कम करने और इससे बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 12 अक्तूबर को वर्ल्ड आर्थराइटिस डे मनाया जाता है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आर्थराइटिस की बढ़ती समस्या के लिए सेंडेंटरी लाइफस्टाइल को बड़े कारक के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे में यदि दिनचर्या में योगासनों को शामिल कर लिया जाए तो इससे गठिया की दिक्कत को काफी हद तक कम करने में मदद मिल सकती है।

कुछ प्रकार के योगासनों के अभ्यास की आदत न सिर्फ गठिया के लक्षणों को कम करने में सहायक है, साथ ही इसका नियमित अभ्यास करने वालों में आर्थराइटिस विकसित होने का जोखिम भी कम होता है। आइए जानते हैं कि जोड़ों की इस समस्या के जोखिम को कम करने के लिए किन योगासनों के अभ्यास को कारगर माना जाता है जिनके अभ्यास से सभी लोगों को लाभ मिल सकता है?
विज्ञापन

2 of 4
जोड़ों को मजबूती देने वाले योगासन - फोटो : istock
वॉरियर पोज के अभ्यास से होने वाले लाभ

वॉरियर पोज योग करने से शरीर की बेहतर स्ट्रेचिंग के साथ रक्त के संचार को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। यह योगाभ्यास अपेक्षाकृत कठिन माना जाता है, जिसके लिए आपको बेहतर प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है। वॉरियर पोज घुटनों को मजबूत करने और जोड़ों पर पड़ रहे अतिरिक्त दबाव को कम करने में आपके लिए विशेष लाभकारी माना जाता है। रीढ़ के लचीलेपन को सधारने और पूरे शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाए रखने के लिए वॉरियर पोज योग के नियमित अभ्यास से लाभ मिल सकता है।
विज्ञापन

3 of 4
उत्तनासन योग करने से होने वाले लाभ - फोटो : Pixabay
उत्तनासन योग का करें अभ्यास

उत्तनासन योग यानी कि आगे की ओर झुकने के इस अभ्यास से न सिर्फ जोड़ों को मजबूती मिलती है साथ ही इसे रीढ़ और पीठ के लिए भी कारगर अभ्यास के तौर पर जाना जाता है। फॉरवर्ड फोल्ड के रूप में जाने जाना वाला यह अभ्यास आपके कूल्हों और घुटनों को मजबूत करने और आपके पैरों के लचीलेपन में भी सुधार करने में भी मदद करता है।

उत्तनासन योग को शरीर के ऊपरी हिस्से में रक्त के संचार को बढ़ाने वाले आसन के तौर पर भी जाना जाता है। नियमित रूप से इस योग के अभ्यास की आदत शरीर के लचीलेपन में सुधार करने के साथ पैरों को मजबूती देने में भी लाभकारी है।
विज्ञापन

4 of 4
सेतुबंधासन योग से जोड़ों को लाभ - फोटो : istock
सेतुबंधासन योग से मिलता है आराम

गठिया की समस्याओं को कम करने और पीठ-कमर में दर्द की दिक्कतों से राहत पाने के लिए सेतुबंधासन योग के नियमित अभ्यास से लाभ पाया जा सकता है। ब्रिज पोज घुटने के जोड़ों को मजबूत करता है और ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित लोगों के लिए मददगार हो सकता है। जिन लोगों को अक्सर पीठ-कमर में दर्द की शिकायत बनी रहती है उनके लिए भी सेतुबंधासन योग के नियमित अभ्यास को विशेष लाभप्रद माना जाता है। सेतुबंधासन योग का अभ्यास करने वालों में आर्थराइटिस रोग विकसित होने का जोखिम कम होता है।



------------------
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें