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Yoga Tips: उत्कटासन योग से इन समस्याओं में मिलता है लाभ, आप भी कीजिए दिनचर्या में शामिल

Fri, 27 May 2022 11:39 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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उत्कटासन योग के लाभ - फोटो : Pixabay
शारीरिक फिटनेस के लिए रोजाना योगाभ्यास करना सबसे आसान और प्रभावी तरीका माना जाता है। योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, साथ ही इसके रोजाना अभ्यास से मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर बना रहता है। यही कारण है कि विशेषज्ञ बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी लोगों को दिनचर्या में योगासनों को शामिल करने की सलाह देते हैं।

शरीर में रक्त के संचार को ठीक रखने के साथ, मांसपेशियों को स्वस्थ बनाए रखने, लचीलेपन में सुधार करने के साथ मानसिक स्वास्थ्य में लाभ देने के लिए रोजाना योग-व्यायाम की आदत आपके लिए लाभदायक हो सकती है।

विशेषज्ञ शारीरिक और मानसिक फिटनेस को बनाए रखने के लिए उत्कटासन योग के नियमित अभ्यास को काफी लाभकारी मानते हैं। उत्कटासन योग को चेयर पोज के नाम से भी जाना जाता है जो हाथ, पैर, जांघ और कंधों की मांसपेशियों को मजबूत करने में काफी सहायक है। यह आसन संतुलन में सुधार करने के साथ हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देने, पेट और जांघों को टोन करने में मदद करता है। आइए आगे विस्तार से समझते हैं कि नियमित रूप से उत्कटासन योग का अभ्यास करने से किस तरह के स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं?
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उत्कटासन योग के फायदे - फोटो : getty images
उत्कटासन योग कैसे किया जाता है?

किसी भी योग-व्यायाम से अधिकतम स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने के लिए उसका नियमित रूप से सही ढंग से अभ्यास किया जाना आवश्यक माना जाता है। योग का सही तरीके से अभ्यास न करने से इसके कारण अंगों में खिंचाव आने की समस्या भी हो सकती है।

उत्कटासन योग का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं और गहरी सांस लेते हुए अपने हाथों को उपर ले जाएं। अब शरीर को धीरे-धीरे बैठने की मुद्रा में ले आएं, जैसे की आप कुर्सी पर बैठते हैं। इस स्थिति में  कुछ सेकेंड्स के लिए रुकें और फिर प्रारंभिक स्थिति में आ जाएं। 
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पैरों और जांघों की समस्याएं - फोटो : istock
उत्कटासन योग करने से क्या होता है?
उत्कटासन योग को मन और शरीर दोनों के लिए लाभदायक माना जाता है। शरीर की कई बड़ी मांसपेशियों के बेहतर स्ट्रेचिंग के साथ हड्डियों को स्वस्थ बनाए रखने और रक्त के संचार को बढ़ावा देने के लिए रोजाना इस योग का अभ्यास किया जाना चाहिए। इसके और भी कई तरह के लाभ होते हैं।
  • टखने, जांघों, पिंडलियों और रीढ़ को मजबूत बनाता है।
  • कंधों और छाती की बेहतर स्ट्रेचिंग में सहायक योगासन।
  • पैरों को मजबूत बनाता है।
  • पेट के अंगों और डायफ्राम को स्वस्थ रखने वाला योगाभ्यास।
  • हृदय गति को बढ़ाने के साथ रक्त संचार और मेटाबॉलिज्म को ठीक रखने में मदद करता है।
  • तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ रखने के साथ शारीरिक सहनशक्ति का निर्माण करता है।
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उत्कटासन योग की सावधानियां - फोटो : iStock
उत्कटासन योग को लेकर सावधानियां

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक वैसे तो उत्कटासन योग से कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ का जिक्र मिलता है, हालांकि कुछ स्थितियों में इसे न करने की सलाह दी जाती है। जिन लोगों को घुटने का दर्द, गठिया या टखने में मोच की समस्या हो उन्हें इस योग मुद्रा का अभ्यास नहीं करना चाहिए। विशेष ध्यान रखें, मासिक धर्म या पीठ के निचले हिस्से में दर्द होने पर इस योग मुद्रा का अभ्यास करने से पहले किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें। 


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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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