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Yoga Tips: स्ट्रेचिंग और रक्त संचार को ठीक रखने के लिए कीजिए त्रिकोणासन योग, जानिए इसका तरीका और लाभ

Mon, 03 Oct 2022 01:00 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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त्रिकोणासन योग करने के लाभ - फोटो : istock
नियमित योगासनों के अभ्यास की आदत संपूर्ण शरीर के लिए कई प्रकार से लाभकारी हो सकती है। मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग से लेकर पूरे शरीर में रक्त के संचार को व्यवस्थित रखने के लिए योग की आदत बनाना विशेष लाभप्रद माना जाता है। योग विशेषज्ञ कहते हैं, बचपन से ही अगर नियमित रूप से योगासनों की आदत बना ली जाए तो इससे संपूर्ण शरीर के फिटनेस का ध्यान रखा जा सकता है। योग शारीरिक और मानसिक दोनों तरीके से आपके लिए लाभदायक हैं।

त्रिकोणासन ऐसा ही अभ्यास है जिससे मांसपेशियों की बेहतर स्ट्रेचिंग करके रक्त के संचार को ठीक रखने में लाभ मिल सकता है। इस योग के अभ्यास के दौरान शरीर को दाएं और बाएं तरफ स्ट्रेच करने की आवश्यकता होती है जिससे पीठ, हाथों और पैरों की मांसपेशियों की सक्रियता और उनमें रक्त का संचार बढ़ता है।

बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, इस योग को करके सभी आयु के लोग कई प्रकार से लाभ प्राप्त कर सकते हैं। आइए त्रिकोणासन योग के अभ्यास से शरीर को होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं।
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त्रिकोणासन योग करने का तरीका - फोटो : Pixabay
त्रिकोणासन योग कैसे किया जाता है?

इस योग का अभ्यास करने से मांसपेशियों की सक्रियता बढ़ती है और शारीरिक निष्क्रियता के कारण होने वाली कई तरह की समस्याओं का जोखिम कम होता है। इस योग के अभ्यास के लिए दोनों पैरों के बीच फासला रखते हुए सीधे खड़े हो जाएं। अब लंबी श्वास लेते हुए और दाईं ओर झुकें, नजर सामने की ओर रखें। इस स्थिति में दाएं हाथ की उंगलियों से दाएं पैर को छूने की कोशिश करें। फिर पूर्ववत स्थिति में आएं और इसकी अभ्यास को बाईं तरफ से भी करें।

यह इस अभ्यास का एक सेट है, इस प्रकार से रोजाना 25-30 सेट करने की आदत बनाएं। अभ्यास में जल्दबाजी न करें। 
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पीठ कमर दर्द से राहत के लिए करें त्रिकोणासन योग - फोटो : iStock
त्रिकोणासन योग से क्या लाभ है?

इस योग के अभ्यास की आदत संपूर्ण शरीर के लिए कई प्रकार से लाभकारी हो सकती है। 
  • पैरों, घुटनों, टखनों, बाहों और छाती को इससे मजबूती मिलती है।
  • कूल्हों, कमर, हैमस्ट्रिंग, कंधों, छाती और रीढ़ की स्ट्रेचिंग और लचीलेपन को बढ़ाने में इस योग के अभ्यास से लाभ हो सकते हैं।
  • मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य और संतुलन ठीक रहता है।
  • पाचन में सुधार करने में इस योग से मदद मिलती है।
  • चिंता-तनाव, पीठ दर्द और साइटिका जैसी समस्याओं से परेशान लोगों को इस अभ्यास से लाभ मिलता है।
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त्रिकोणासन योग की सावधानियां - फोटो : Pixabay
त्रिकोणासन योग की सावधानियां

वैसे तो इस योग के अभ्यास से सभी लोगों को लाभ मिलता है पर कुछ स्थितियों में इसे न करने की सलाह दी जाती है। यदि आप माइग्रेन, डायरिया, निम्न या उच्च रक्तचाप या गर्दन और पीठ में चोट से पीड़ित हैं तो इस मुद्रा को करने से बचें। उच्च रक्तचाप वाले लोग इस मुद्रा को कर सकते हैं, लेकिन बिना अपना हाथ ऊपर उठाए, क्योंकि यह रक्तचाप को और बढ़ा सकता है।

किसी भी योग के अभ्यास को करने से पहले योग विशेषज्ञ से सलाह लें और उनकी निगरानी में ही इसकी शुरुआत की जानी चाहिए। 



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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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