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Yoga Tips: सूर्य नमस्कार के ये चार अभ्यास जीवन में लाएंगे सकारात्मक परिवर्तन, जरूर करिए दिनचर्या में शामिल

Wed, 24 Jul 2024 09:13 AM IST
शिवानी अवस्थी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सूर्य नमस्कार - फोटो : pixabay

मानसिक और शारीरिक सेहत को स्वस्थ बनाए रखने के लिए नियमित योगाभ्यास की सलाह दी जाती है। योग शरीर को की तरह की बीमारियों से दूर रखने में मदद करता है। वैसे तो कई अलग अलग तरह के योगासन हैं जो शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत पर अलग अलग असर करते हैं लेकिन इनमें सूर्य नमस्कार बेसिक और पहले चरण का आसान योगाभ्यास है। सूर्य नमस्कार के लिए न तो किसी उपकरण की जरूरत होती है, न ही जगह या समय की सीमा होती है। सही तरीके से कहीं पर भी कभी भी सूर्य नमस्कार का अभ्यास करते सेहत के लिए अनगिनत फायदे पा सकते हैं। हालांकि सूर्योदय के समय सूर्य नमस्कार करना सबसे बेहतर माना जाता है। सूर्य नमस्कार को करने से पहले शरीर को अच्छे से वार्म अप कर लेना चाहिए। चलिए जानते हैं सूर्य नमस्कार के अभ्यास का सही तरीका और सूर्य नमस्कार करने से पहले क्या करना चाहिए, ताकि कई तरह के स्वास्थ्य लाभ मिल सकें। 

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सूर्य नमस्कार - फोटो : amar ujala
सूर्य नमस्कार करने का तरीका 

सूर्य नमस्कार करने में शरीर के 10 अंग एक के बाद एक काम में आते हैं। वहीं कुल 12 चरणों में आठ तरह के आसन मिलकर एक सूर्य नमस्कार को पूरा करते हैं। यहां आपको सूर्य नमस्कार की चार स्थितियों के अभ्यास के बारे में बताया जा रहा है। 
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सूर्य नमस्कार की स्थितियां - फोटो : Pixabay
आज्ञा चक्र

सूर्य नमस्कार करने के लिए दोनों हाथों को जोड़कर सीधा खड़े हो जाए। अब आंखें बंद कर लें।

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सूर्य नमस्कार की स्थितियां - फोटो : Istock
विशुद्धि चक्र

श्वास भरते हुए दोनों हाथों को कानों से सटाते हुए ऊपर की ओर सीधा करें। भुजाओं और गर्दन को पीछे की ओर झुका लें। 
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सूर्य नमस्कार की स्थितियां - फोटो : Pixabay
मणिपूरक चक्र

इसके बाद श्वास को धीरे धीरे बाहर की ओर छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें। इस दौरान हाथों को गर्दन और कानों से सटाकर रखते हुए नीचे पैरों के दाएं-बाएं पृथ्वी को छुएं। इस दौरान गर्दन सीधी रखें। 
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सूर्य नमस्कार की स्थितियां - फोटो : Istock
विशुद्धि चक्र

इस अवस्था में श्वास को भरते हुए बाएं पैर को पीछे की ओर ले जाएं और छाती को खींचकर आगे की ओर तानें। गर्दन को अधिक पीछे की ओर झुका लें और पैरों को सीधी रखते हुए पीछे की ओर खिचाव करते हुए पंजों पर खड़े रहें। इस अवस्था में कुछ देर रूकें। 
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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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