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Yoga Tips: सभी लोगों को जरूर करने चाहिए ये तीन श्वसन अभ्यास, प्रतिरक्षा प्रणाली होगी मजबूत-बीमारियां होंगी दूर

Tue, 02 Aug 2022 12:15 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला. नई दिल्ली
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योगासन के लाभ - फोटो : Pixabay
प्राणायाम जिसे मुख्यरूप से श्वसन अभ्यास के तौर पर जाना जाता है, यह शरीर के लिए कई प्रकार से लाभकारी हो सकता है। सांस वाले अभ्यास का न सिर्फ फेफड़े और हृदय की क्षमता को बढ़ाने में लाभ है, साथ ही इसे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। कोरोना महामारी की शुरुआत से ही सभी लोगों को प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने वाले उपाय करते रहने की सलाह दी जाती रही है, प्राणायाम के अभ्यास की आदत इसमें आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकती है।

सांस लेने के यह अभ्यास तनाव को कम करके हमारे समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।

योग विशेषज्ञ कहते हैं, प्राणायाम तकनीकों के माध्यम से हम श्वास नियंत्रण पर गहराई से ध्यान केंद्रित करते हैं। साँस लेना, श्वास प्रतिधारण और साँस छोड़ने के पैटर्न के माध्यम से यह जीवन शक्ति का विस्तार करने में भी मदद कर सकता है। प्राणायाम के अभ्यास को अपने दैनिक व्यायाम दिनचर्या के हिस्से के रूप में शामिल करना आपके लिए काफी कारगर हो सकता है। यह शरीर-मन दोनों को स्वस्थ और सेहतमंद बनाए रखने में आपके लिए सहायक है। आइए जानते हैं कि रोजाना किन तीन अभ्यास को करके अधिकतम लाभ प्राप्त किया जा सकता है?
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कपालभाति प्राणायाम करने के क्या लाभ हैं? - फोटो : istock
कपालभाति प्राणायाम

कपालभाति, संपूर्ण श्वसन योगाभ्यासों में सबसे फायदेमंद अभ्यास के तौर पर जाना जाता है। बलपूर्वक सांस छोड़ने का यह अभ्यास विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर करने के साथ शरीर को शुद्ध करने और आपके ऊर्जा के स्तर को बढ़ावा देने में काफी कारगर हो सकता है। कपालभाति प्राणायाम के दैनिक अभ्यास की आदत मस्तिष्क को स्वस्थ बनाए रखने के साथ कई तरह की बीमारियों के लक्षणों को कम करने में आपके लिए सहायक हो सकता है।
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भस्त्रिका प्राणायाम करने के लाभ - फोटो : iStock
भस्त्रिका प्राणायाम

भस्त्रिका प्राणायाम को उत्तेजक श्वसन के रूप में भी जाना जाता है। प्राणायाम का यह रूप मन को शांत करने में मदद कर सकता है। यह ब्रेन ऑक्सीजनेशन के लिए अच्छा तरीका माना जाता है। तंत्रिका और मोटर प्रणाली को लाभ पहुंचाने के साथ शरीर और दिमाग को ऊर्जा देने के लिए इसे बहुत लाभकारी माना जाता है। अवसाद और चिंता के शिकार लोगों के लिए इसका नियमित अभ्यास काफी कारगर हो सकता है। 
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श्वसन योगाभ्यास के लाभ - फोटो : iStock
भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास

भ्रामरी श्वसन का अभ्यास गुनगुनाती मधुमक्खी की तरह ध्वनि वाला होता है। गहरी श्वास लेने वाला यह योगाभ्यास और सांस छोड़ने के दौरान होने वाली गुंजन ध्वनि मन को शांति का अनुभूति कराती है। याददाश्त और मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से परेशान लोगों के लिए इसके नियमित अभ्यास की आदत विशेष लाभकारी हो सकती है। ब्लड प्रेशर के रोगियों को भी इस अभ्यास से लाभ मिल सकता है। 


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नोट:
यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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