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आज का योग: सर्वांगासन योग को क्यों माना जाता है सबसे फायदेमंद? जानिए रोजाना इसके अभ्यास के क्या लाभ हैं?

Sat, 09 Apr 2022 11:06 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सर्वांगासन योग करने के लाभ - फोटो : Pixabay
योग सिर्फ मानसिक ही नहीं, आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने का सबसे कारगर उपाय माने जाते हैं। कई तरह की बीमारियों के जोखिम को कम करने के साथ शरीर की ऊर्जा में वृद्धि करने, मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करने और बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करने में योग विशेष भूमिका निभाते हैं। कुछ योगासनों के अभ्यास को कई तरह से हमारी सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। सर्वांगासन योग ऐसा ही अभ्यास है। संपूर्ण शरीर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ मानसिक स्वास्थ्य संबंधी लक्षणों में सुधार करने के लिए भी इस योग के अभ्यास को लाभदायक माना जाता है। सर्वांगासन योग  को विशेषज्ञ 'सर्वोत्तम योगासन' भी मानते हैं।

शोल्डर स्टैंड या सर्वांगासन, एक ऐसी योग मुद्रा है जिसमें पूरे शरीर को कंधों पर संतुलित किया जाता है। सर्वांगासन पूरे शरीर का व्यायाम है जो कई मांसपेशियों के समूह पर काम करता है और आपको बेहतर शारीरिक संतुलन, बेहतर मुद्रा और शांति प्राप्त करने में मदद करता है। नियमित रूप से इस आसन का अभ्यास करके आप सेहत को गजब का बूस्ट दे सकते हैं। आइए आगे की स्लाइडों में इस योग के बारे में जानते हैं।
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सर्वांगासन योग का अभ्यास करें - फोटो : Istock
सर्वांगासन योग का अभ्यास कैसे किया जाता है?
योग विशेषज्ञों के मुताबिक किसी भी आसन से सर्वोत्तम लाभ प्राप्त करने के लिए उसका सही तरीके से अभ्यास करना आवश्यक होता है। सर्वांगासन योग का अभ्यास अपेक्षाकृत थोड़ा कठिन हो सकता है, इसलिए किसी विशेषज्ञ से इसके सही तरीके के बारे में जानकारी अवश्यक प्राप्त कर लें।
इस योग के अभ्यास के लिए पीठ के बल लेट जाएं। अब पैरों 90 डिग्री तक ऊपर की ओर ले जाएं। पांवों को सिर की सीध में रखें। शरीर को इस तरह से सीधा रखें कि ठोड़ी छाती पर आकर लगे। इस अवस्था में कुछ समय रहने के बाद धीरे-धीरे मूल अवस्था में लौटें।
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सर्वांगासन योग के शारीरिक-मानसिक लाभ - फोटो : Istock
सर्वांगासन योग करने के क्या लाभ होते हैं?
योग विशेषज्ञ बताते हैं कि यह अभ्यास शरीर की सभी बड़ी मांसपेशियों को सक्रियता देने के साथ रक्त के संचार के बढ़ाने में विशेष मददगार हो सकता है। इसका नियमित रूप से अभ्यास करना आपके लिए बहुत लाभप्रद माना जाता है।
  • थायरॉयड और पैराथायरायड ग्रंथियों को उत्तेजित करने के साथ उनके कार्यों को बेहतर बनाता है।
  • बाहों और कंधों को मजबूत करने के साथ रीढ़ को लचीला बनाता है।
  • मस्तिष्क को अधिक रक्त से पोषण देता है।
  • हृदय में रक्त के संचार को बढ़ाकर इसकी कार्यक्षमता में सुधार करता है। 
  • कब्ज, अपच जैसी पाचन की समस्याओं से राहत दिलाने वाला योगाभ्यास है।
  • नसों और शरीर को तंत्रिकाओं को आराम दिलाने में मदद करता है। 
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गर्भावस्था में योग को लेकर बरतें सावधानी - फोटो : Pixabay
इन सावधानियों का रखें ध्यान
गर्भावस्था, मासिक धर्म, उच्च रक्तचाप, हृदय की समस्या, ग्लूकोमा, स्लिप डिस्क, स्पोंडिलोसिस, गर्दन में दर्द या थायरॉयड जैसी समस्या है तो सर्वांगासन करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श  जरूर ले लें। इन स्थितियों में इस योग के अभ्यास से शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव होने का जोखिम अधिक होता है।


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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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