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जोड़ों में रहता है दर्द तो इन पांच योगासनों को अपनाकर पाएं जल्द आराम

Thu, 29 Aug 2019 11:00 AM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क
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- फोटो : PTI
आज के दौर में डेस्क जॉब, हर काम के लिए आरामदायक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल आम बात है। ऐसे में, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द भी आम बात ही है क्योंकि शारीरिक गतिविधियों के बिना शरीर लचीला और फुर्तीला नहीं हो सकता। हालांकि, जोड़ों में दर्द की और वजह भी हो सकती है। वो अलग बात है कि दवाओं के उपयोग से इस दर्द से कुछ समय के लिए लाभ मिलता है लेकिन इसका उपचार योग में उपलब्ध है जिसके अभ्यास से दर्द से मुक्ति में जल्द लाभ मिलता है।
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- फोटो : PTI
वीर-भद्रासन 
यह आसन घुटनों को मजबूत बनाता है तथा जकड़े हुए कंधों को सक्रिय करने में मदद मिलती है। यह कंधों से दर्द मिटा कर शरीर को संतुलन प्रदान करता है।

धनुरासन
धनुरासन बंद कंधो को खोलता है। यह पीठ को लचीला बनाता है और शरीर से तनाव को दूर करता है।

सेतु-बंध आसन
यह आसन घुटनों की मांसपेशियों को मजबूत करता है तथा ऑस्टियोपोरोसिस रोग में भी लाभकारी है। यह मस्तिष्क को शांत करता है। रोगी को चिंता से मुक्त कर शरीर के तनाव को कम  करता है।
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त्रिकोणासन
त्रिकोणासन टांगों, घुटनों व टखनों को मजबूत करने में लाभकारी है। यह सायटिका व कमर-दर्द में भी राहत प्रदान करता है। यह घुटनों की नस, कमर में खिंचाव उत्पन्न कर उनको गतिशीलता प्रदान करता है।  

उस्ट्रासनवीर-भद्रासन 
यह आसन घुटनों को मजबूत बनाता है तथा जकड़े हुए कंधों को सक्रिय करने में मदद मिलती है। यह कंधों से दर्द मिटा कर शरीर को संतुलन प्रदान करता है।

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धनुरासन
धनुरासन बंद कंधो को खोलता है। यह पीठ को लचीला बनाता है और शरीर से तनाव को दूर करता है।

सेतु-बंध आसन
यह आसन घुटनों की मांसपेशियों को मजबूत करता है तथा ऑस्टियोपोरोसिस रोग में भी लाभकारी है। यह मस्तिष्क को शांत करता है। रोगी को चिंता से मुक्त कर शरीर के तनाव को कम  करता है।

त्रिकोणासन
त्रिकोणासन टांगों, घुटनों व टखनों को मजबूत करने में लाभकारी है।  यह सायटिका व कमर-दर्द में भी राहत प्रदान करता है। यह घुटनों की नस, कमर में खिंचाव उत्पन्न कर उनको गतिशीलता प्रदान करता है।  
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आवश्यक सावधानियां
योगासन से जोड़ों का दर्द न बढ़े इसके लिए अभ्यास के दौरान शरीर को सहारा देने वाली वस्तुओं, तकियों व अन्य उपकरणों की सहायता लें। अपनी शारीरिक क्षमता से अधिक जोर न दें। अगर दर्द बढ़ जाता है तो तुरंत योगाभ्यास बंद कर दें।

एेसे रहें पीड़ा मुक्त
-हर एक घंटे बाद अपनी टेबल से उठें व कुछ क्षण के लिए अपने शरीर का खिंचाव करें।
-बैठकर व खड़े होते समय शरीर को सही मुद्रा में रखें। शरीर सीधा व संतुलित हो आगे या पीछे की ओर झुका हुआ न हो।
-अपने जोड़ों पर अधिक जोर न दें।
-स्वस्थ आहार लें।
 
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