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Yoga Tips: लिवर को मजबूती देकर पेट की समस्याओं को कम करता है नौकासन योग, जानिए इसका तरीका और लाभ

Thu, 13 Oct 2022 01:54 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नौकासन योग से होने वाले फायदे - फोटो : istock
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शरीर को स्वस्थ रखने लिए लिवर और पाचन अंगों का स्वस्थ रहना आवश्यक माना जाता है। इसके लिए आहार को ठीक रखने के साथ शारीरिक रूप से सक्रियता बनाए रखना आवश्यक होता है। दिनचर्या में योगासनों के अभ्यास को शामिल करके पेट के तमाम अंगों को स्वस्थ और फिट रखा जा सकता है। कुछ प्रकार के योगासन न सिर्फ पेट के अंगों को स्वस्थ रखते हैं साथ ही कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों के जोखिम को कम करने में भी नियमित योगासनों के लाभ देखे गए हैं।

योग विशेषज्ञ कहते हैं,  लिवर को मजबूती देकर पेट को स्वस्थ रखने के लिए नौकासन योग के अभ्यास को लाभकारी माना जाता है। पाचन स्वास्थ्य को बेहतर रखने में भी योगासन सहायक हो सकते हैं। पेट के अलावा पीठ और पैरों की मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग करने और रक्त के संचार को व्यवस्थित रखने में भी इस योग से लाभ हो सकते हैं। आइए नौकासन योग से होने वाले स्वास्थ्य लाभ और इसके तरीकों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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नौकासन योग कैसे किया जाता है? - फोटो : istock
नौकासन योग कैसे किया जाता है?

नौकासन योग का अभ्यास हर उम्र के लोग कर सकते हैं, इसके लिए प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है जिससे योग को सही तरीके से करके अधिकतम लाभ प्राप्त किया जा सके। इस योग के अभ्यास के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेटें और हाथों को शरीर के बगल में रखें। गहरी सांस लें और अपनी छाती और पैरों को ऊपर उठाएं। बाहों को अपने पैरों की ओर फैलाएं। आपकी आंखें, उंगलियां और पैर की उंगलियां एक सीध में होनी चाहिए। पेट की मांसपेशियों पर दबाव बनाने के लिए अपने नाभि क्षेत्र में तनाव महसूस करें। कुछ समय तक इस स्थिति में बने रहें और फिर पूर्ववत आ जाएं।

इस अभ्यास को रोजाना 5-10 मिनट तक करने की आदत बनाएं।
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नौकासन योग की सावधानियां - फोटो : istock
नौकासन योग से शरीर को होने वाले लाभ

योग विशेषज्ञ कहते हैं, नौकासन योग कई प्रकार से शरीर के अंगों के लिए कारगर हो सकता है। पाचन अंगों के साथ-साथ इसका असर पीठ-पैरों की मांसपेशियों पर भी देखा गया है। 
  • पीठ और पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है।
  • पैर और हाथ की मांसपेशियों को टोन करने में इसके लाभ हैं।
  • हर्निया वाले लोगों को इस योग से लाभ मिल सकता है, डॉक्टर की सलाह पर ही इसका अभ्यास करें।
  • यह योगासन पेट की चर्बी को कम करने में मदद करता है।
  • पाचन में सुधार करने के साथ लिवर, अग्न्याशय और फेफड़ों के कार्य को बेहतर करने में भी इस आसन के लाभ हैं।
  • किडनी, थायरॉयड और प्रोस्टेट ग्रंथियों के लिए भी इस योग के अभ्यास को फायदेमंद पाया गया है।
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NAUKASANA
नौकासन योग को लेकर सावधानियां

योग विशेषज्ञ कहते हैं, कुछ प्रकार की शारीरिक समस्याओं में नौकासन योग का अभ्यास नहीं करना चाहिए। यदि आपको लो ब्लड प्रेशर, गंभीर सिरदर्द या माइग्रेन रहता है या फिर हाल के दिनों में रीढ़ की हड्डी की किसी भी समस्या से परेशान रहे हैं तो इस योग को न करें। अस्थमा और हृदय रोगियों को भी इस मुद्रा से बचने की सलाह दी जाती है। महिलाओं को गर्भावस्था और मासिक धर्म के दिनों में इस योग को न करने की सलाह दी जाती है। किसी भी योग से अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें।



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नोट:
यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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