कोलकाता के बासुलेन रोड स्थित स्व. केदारनाथ मुखर्जी और उनके वारिश आलोक कृष्ण का आवास।
- फोटो : अमर उजाला।
पलटते रहे आदेश, जमीन की वरासत भी हुई, पर बाद में खारिज कर दी गई
कोलकाता के रहने वाले अतुल कृष्ण बनर्जी व अन्य के नाम से राजस्व अभिलेखों में दर्ज जंगल डुमरी नंबर-दो की करीब 26 एकड़ जमीन को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर ने फरवरी 2020 में लावारिस घोषित करते हुए इसे ग्राम सभा के नाम दर्ज कर दिया। दलील दी गई कि संबंधित नाम का कोई भी व्यक्ति यहां या कोलकाता में बताए पते पर रहता ही नहीं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने एक साल के लिए इस जमीन को पट्टे पर नगर-निगम को दे दिया। नगर-निगम उस जमीन पर कुछ करता कि आठ महीने बाद सितंबर 2020 में ही जमीन को वेटरेनरी कॉलेज के नाम आवंटित कर दिया गया। जमीन तो वेटरेनरी कॉलेज के नाम आवंटित हो गई लेकिन, क्षेत्रफल कम होने की वजह से इस पर अंतिम मुहर नहीं लग सकी।
दो साल नहीं बीते कि 2022 में मूल खातेदारों स्व. केदारनाथ मुखर्जी और शैलेंद्र नाथ बनर्जी के वारिस सामने आ गए। इसके बाद सदर तहसील के तहसीलदार न्यायिक कोर्ट ने पूर्व के आदेश को खारिज कर मई 2022 में मूल खातेदार केदारनाथ मुखर्जी के वारिस आलोक कुमार मुखर्जी, कोलकाता और शैलेंद्र नाथ बनर्जी के पौत्र गौतम बनर्जी के नाम मई 2022 में जमीन वरासत कर दी।