फर्टिलिटी के बारे में लोगों के मन में ऐसे विचार बने हुए हैं जिनका वास्तविकता से कुछ लेना-देना नहीं है। ऐसी बातें सुनकर ही लोग परेशान होने लगते हैं और सच्चाई जानने की कोशिश नहीं करते। अगर आप भी ऐसी ही किसी विचारधारा में उलझे हुए हैं तो ये बाते जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।
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फर्टिलिटी से जुड़े हैं ये मिथक, जानें सच्चाई
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फर्टिलिटी
इंफर्टिलिटी सिर्फ महिलाओं में होती है।
- कुछ लोगों का मानना है कि अगर किसी को बच्चा नहीं हो पा रहा तो महिला में ही कुछ कमी है, लेकिन ऐसा नहीं है। इंफर्टिलिटी की समस्या महिलाओं और पुरुषों में बराबर ही होती है।
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फर्टिलिटी
गोद लेने के बाद मां बन सकते है।
- ऐसा जरूरी नहीं है। अगर ऐसा होते किसी के साथ आपने देखा है तो ये सिर्फ एक संयोग हो सकता है।
फर्टिलिटी से जुड़े हैं ये मिथक, जानें सच्चाई
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फर्टिलिटी
इंफर्टिलिटी सिर्फ दिमाग में होती है।
- कुछ रिश्तेदारों को आपने कहते सुना होगा कि इसके बारे में सोचना छोड़ दो तो आप प्रेग्नेंट हो सकते हैं। ये सच नहीं है। ये एक बीमारी है इसलिए इस सोच का इससे कुछ लेना-देना नहीं है।
ब्रेस्ट फीडिंग के दौरान मां बनने की संभावना कम होती है।
- लोगों की ये धारणा है कि बच्चे को दूध पिलाने के दौरान महिला मां नहीं बन सकती। हालांकि इस दौरान मां बनने की संभावना कम होती है लेकिन प्रेग्नेंट होने का एक-दो प्रतिशत चांस होता है।