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Monsoon Yoga: बारिश के मौसम में टहलना हो गया है कम तो घर पर करें ये योगासन

Thu, 18 Jul 2024 11:09 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

घर पर ही कुछ योगासनों का अभ्यास कर सकते हैं, जो पैदल चलने जैसे ही स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकते हैं। इन योगासनों के कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं। आइए जानते हैं बरसात के मौसम में पैदल टहलने में सक्षम न हों तो घर पर कौन से आसान योगासन का अभ्यास करना चाहिए।
 
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पैदल चलना - फोटो : istock
Monsoon Yoga Asanas At Home: कई तरह के रोगों से बचाव के लिए कुछ देर पैदल चलना सबसे आसान और बेहतर तरीका है। पैदल चलने से शारीरिक सक्रियता बनी रहती है। रक्त संचार बेहतर होता और इम्यूनिटी मजबूत होती है। रोजाना वॉक करने से कैलोरी बर्न होती है, जिससे शरीर में अतिरिक्त चर्बी नहीं जमा होती। इसके अलावा मानसिक तौर पर भी पैदल चलना सकारात्मक असर देता है।

हालांकि मानसून आते ही रोजाना सुबह या शाम को वाॅक करने वाले लोगों की यह एक्टिविटी कम हो जाती है। बरसात के मौसम में अक्सर किसी भी वक्त बारिश होना, बाहर कीचड़ या फिसलन की समस्या, पार्क आदि में डेंगू -मलेरिया होने की आशंका को देखते हुए लोग मानसून में चाहकर भी घर से बाहर वाॅक पर नहीं जा पाते।

ऐसे में घर पर ही कुछ योगासनों का अभ्यास कर सकते हैं, जो पैदल चलने जैसे ही स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकते हैं। इन योगासनों के कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं। आइए जानते हैं बरसात के मौसम में पैदल टहलने में सक्षम न हों तो घर पर कौन से आसान योगासन का अभ्यास करना चाहिए।
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ताड़ासन - फोटो : Amar ujala
ताड़ासन

रोजाना ताड़ासन का अभ्यास कर सकते हैं। इस आसन से लंबाई बढ़ती है। शरीर का पोस्चर सही रहता है। साथ ही इस आसन के अभ्यास से व्यक्ति की थकान दूर होने के साथ एनर्जी बढ़ती है। मसल्स को आराम और ब्लड फ्लो में सुधार करने में भी ताड़ासन मदद करता है।
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अधो मुख श्वासन - फोटो : amar ujala
अधोमुख शवासन

अधोमुख शवासन शरीर के निचले हिस्से, हाथ और पैरों को मजबूती देता है। इससे पैरों, छाती, पिंडलियों और पीठ को स्ट्रेच किया जा सकता है। इस आसन से आपको पीठ दर्द से छुटकारा मिल सकता है।

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कपालभाति प्राणायाम - फोटो : Amar Ujala
कपालभाति

कपालभाति के अभ्यास से पाचन तंत्र मजबूत होता है, जिससे गैस, एसिडिटी, कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। कपालभाति फेफड़ों, लिवर, पैंक्रियाज के काम में सुधार लाने में मदद करता है।
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अनुलोम विलोम प्राणायाम - फोटो : Amar Ujala
अनुलोम विलोम

यह प्राणायाम सांस से जुड़ा हुआ है। इस क्रिया को करके तनाव को कम किया जा सकता है। रक्त संचार में सुधार के साथ ही शरीर को ढेरों लाभ अनुलोम विलोम के अभ्यास से मिलते हैं।

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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योग गुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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