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Yoga Tips: छाती, कंधे से लेकर पीठ की स्ट्रेचिंग के लिए सबसे कारगर है चक्रासन योग, कई बीमारियों में भी इससे लाभ

Thu, 10 Nov 2022 12:23 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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चक्रासन योग के लाभ - फोटो : istock
योगासनों के नियमित अभ्यास की आदत संपूर्ण फिटनेस को बेहतर रखने में आपके लिए विशेष लाभकारी हो सकती है। दिनचर्या में योगाभ्यासों को शामिल करने का सबसे अच्छा लाभ है कि इससे शारीरिक निष्क्रियता के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम कम होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं बच्चो से लेकर बुजुर्गों तक, सभी के लिए नियमित रूप से योग-व्यायाम की आदत बनाना आवश्यक है। इससे पूरे शरीर में रक्त का संचार ठीक बना रहता है, मांसपेशियों की कठोरता कम होती है और कई गंभीर बीमारियों का जोखिम भी दूर होता है। नियमित रूप से कुछ योगासनों के अभ्यास को स्वास्थ्य विशेषज्ञ बेहद लाभकारी मानते हैं।

चक्रासन ऐसा ही एक योगाभ्यास है, जिसमें शरीर को पीछे की ओर इस तरह से मोड़ना होता है जिसमें शरीर की स्थिति चक्र के आकार की हो जाती है। इस योग के अभ्यास के लिए विशेष सावधानी की आवश्यकता होती है, क्योंकि इसके कारण चोट लगने का जोखिम हो सकता है।

आइए जानते हैं कि इस योग का अभ्यास कैसे किया जाता है और इसके क्या लाभ हो सकते हैं?
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व्हील पोज का अभ्यास कैसे किया जाता है? - फोटो : getty images
चक्रासन योग के करने का तरीका

चक्रासन योग के लिए विशेष अभ्यास की आवश्यकता होती है, इसे किसी विशेषज्ञ की निगरानी में ही करने की सलाह दी जाती है। इस योग के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ें और एड़ी को नितंब के पास लाएं। हाथों को अपने कानों के किनारे के पास रखें और हथेलियों को फर्श से लगाएं। इसके बाद हथेलियों  और पैरों की मदद से  शरीर को ऊपर उठाएं। इस अवस्था में आपका सिर पीछे की तरफ होगा।

चक्रासन मुद्रा में अपनी क्षमता के अनुसार कम से कम एक मिनट तक बने रहने की कोशिश करें और फिर पूर्ववत स्थिति में आएं। इस योग के नियमित अभ्यास के कई लाभ हैं।
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चक्रासन योग के स्वास्थ्य लाभ - फोटो : Pixabay
चक्रासन योग से होने वाले लाभ

चक्रासन योग का अगर नियमित रूप से अभ्यास किया जाए तो इससे कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं। सभी लोगों को दिनचर्या में इस योगासन को जरूर शामिल करना चाहिए। 
  • यह आसन फेफड़ों का विस्तार करने में मदद करती है जिससे शरीर को अधिक ऑक्सीजन प्राप्त होता है। 
  • शरीर और मानसिक दोनों प्रकार के तनाव को कम करने में मददगार अभ्यास है।
  • आंखों की रोशनी तेज करने में इस अभ्यास के लाभ देखे गए हैं, क्योंकि इससे सिर में रक्त का संचार बढ़ता है।
  • रीढ़ की हड्डी को लचीला और मजबूत बनाती है।
  • शरीर में रक्त परिसंचरण में सुधार करने और रक्त को शुद्ध करने में सहायक है।
  • चक्रासन योग शारीरिक सहनशक्ति और ताकत बढ़ाने में मदद करता है।
  • पेट की चर्बी को कम करने और कोर मसल्स को टोन करने में इसके लाभ देखे गए हैं।
  • यह आपकी भूख को बढ़ाता है और कब्ज-पाचन संबंधी समस्याओं से राहत देता है।
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चक्रासन योग के लिए विशेष अभ्यास और पारंगतता की जरूरत - फोटो : istock
चक्रासन योग का सावधानियां

चक्रासन योग के लिए विशेष अभ्यास और पारंगतता की जरूरत होती है, ऐसे में इसे विशेषज्ञों की सलाह पर ही करने की सलाह दी जाती है। रीढ़ की हड्डी या पीठ दर्द से परेशान लोगों को इस आसन के अभ्यास से बचना चाहिए।

चक्रासन योग के दौरान आपकी कलाइयों पर भी काफी दबाव पड़ता है, इसलिए अगर आपकी कलाई कमजोर या इससे संबंधित चोट या सर्जरी हुई है तो भी इस योग को करने से बचें। हमेशा विशेषज्ञों की निगरानी में ही इस अभ्यास को करने की सलाह दी जाती है। 



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नोट:
यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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