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आज का योग: सेतुबंधासन योग का अभ्यास करने से दूर होती हैं ऐसी दिक्कतें, जानिए इस बारे में विस्तार से

Sat, 26 Feb 2022 12:35 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सेतुबंधासन योग का लाभ - फोटो : Pixabay
शरीर के बेहतर फिटनेस के लिए रोजाना योग का अभ्यास करना आपके लिए बेहद लाभदायक हो सकता है। ब्रिज पोज (सेतु बंधासन) ऐसा ही एक योगाभ्यास है जो आपको कई तरह के स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकता है। वरिष्ठ योग विशेषज्ञ क्लाउडिया कमिंस कहते हैं, "इंद्रियों को जगाने के लिए मेरी पसंदीदा मुद्राओं में से एक है सेतुबंधासन। पीठ, पैर और कूल्हों को मजबूत करने के साथ रीढ़ की शक्ति को बढ़ाने और हृदय को खोलने के लिए इस योग का अभ्यास करना आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। इस प्रक्रिया के अभ्यास से मन शांत होता है, शरीर ऊर्जावान हो जाता है, जिससे आप तरोताजा महसूस करते हैं।

ब्रिज पोज योग उन लोगों के लिए विशेष लाभदायक माना जाता है जिनको कमर-रीढ़ में दर्द की समस्या बनी रहती है। इसके अलावा फेफड़ों-हृदय को सेहतमंद बनाए रखने के लिए भी इस योग का नियमित अभ्यास करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। आइए आगे की स्लाइडों में इस योग को करने के तरीके और इससे सेहत को होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं।
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सेतुबंधासन के लाभ - फोटो : Pixabay
सेतु बंधासन योग का अभ्यास कैसे करें?
सेतु बंधासन योग का अभ्यास काफी सरल लेकिन अत्यंत प्रभावी है। किसी भी उम्र के लोग विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर इसकी शुरुआत कर सकते हैं। इस योग के अभ्यास के लिए सबसे पहले योग मैट पर पीठ के बल लेट जाएं और हाथों को बगल में रखें। अब धीरे-धीरे अपने पैरों को घुटनों से मोड़कर हिप्स के पास ले आएं। हिप्स को जितना हो सके फर्श से ऊपर की तरफ उठाएं। कुछ देर के लिए इस स्थिति में सांस को रोककर रखें और फिर सांस छोड़ते हुए वापस पूर्ववत अवस्था में आ जाएं।
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पीठ दर्द से मिलता है आराम - फोटो : iStock
सेतु बंधासन योग करने के क्या फायदे हैं?
ब्रिज पोज का अभ्यास करना आपके लिए कई तरह से लाभदायक हो सकता है। इससे शरीर को निम्न प्रकार के लाभ होते हैं।
  • पीठ, ग्लूट्स, टांगों और टखनों को मजबूत बनाता है।
  • छाती, हृदय और कूल्हे के लचीलेपन को बढ़ाता है।
  • छाती, गर्दन, कंधों और रीढ़ को फैलाता है।
  • मन को शांत करता है, तनाव और अवसाद को कम करने में भी सहायक है।
  • पेट, फेफड़े और थायराइड को उत्तेजित करके उनके कार्यों को आसान बनाता है।
  • पाचन में सुधार करने में भी इस योग का अभ्यास लाभदायक माना जाता है।

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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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