फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आज का योग: सभी लोगों को रोजाना करने चाहिए यह तीन सांस वाले योगासन, सेहत को मिलेंगे गजब के फायदे

Fri, 17 Dec 2021 11:40 AM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 4
सांस वाले योगाभ्यास - फोटो : iStock
कोरोना महामारी की शुरुआत से ही लोगों को अपनी सेहत पर विशेष ध्यान देने के लिए जोर दिया जा रहा है। इसमें भी श्वसन प्रणाली को मजबूत करने के महत्व पर विशेषज्ञ अधिक ध्यान देने की सलाह देते हैं। नोवेल कोरोनावायरस श्वसन प्रणाली की बीमारी होने के कारण फेफड़ों के ऊतकों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है, जिससे सांस फूलने और बलगम बनने जैसी समस्या देखने को मिलती है। कोरोना संक्रमण के दूसरे दौर में लोगों में सांस से संबधित दिक्कतें अधिक देखने को मिली थीं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक दैनिक जीवन में सांस से संबंधित योगाभ्यासों को शामिल करके वायु मार्ग साफ रखा जा सकता है, जिससे फेफड़ों की क्षमता भी बढ़ती है। सांस लेने वाले इन व्यायामों को मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी काफी लाभदायक माना जाता है। जो लोग कोविड-19 के शिकार रह चुके हैं, उनके लिए तो इन व्यायामों का अभ्यास करना और भी आवश्यक हो जाता है। आइए आगे की स्लाइडों में ऐसे ही तीन सांस वाले योग अभ्यास के बारे में जानते हैं जिनका सभी लोगों को रोजाना अभ्यास जरूर करना चाहिए।
विज्ञापन

2 of 4
कपालभाति प्राणायाम - फोटो : iStock
कपालभाति प्राणायाम है फायदेमंद
कपालभाति, दो शब्दों से मिलकर बना है- कपाल का अर्थ है खोपड़ी और भाति का अर्थ है चमकना। इस ब्रीदिंग एक्सरसाइज से शरीर में गर्मी पैदा होती है जो विषाक्त और अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से निकालने में मदद करती है। मेटाबॉलिज्म की दर में सुधार करने के साथ लिवर और किडनी के कार्य को बढ़ावा देने में भी इस योग के अभ्यास को लाभदायक माना जाता है। कुछ स्वास्थ्य समस्याओं में इस व्यायाम को न करने की सलाह दी जाती है, इस बारे में किसी योग विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें।
विज्ञापन

3 of 4
प्राणायाम करने के फायदे - फोटो : Pixabay
भस्त्रिका प्राणायाम 
भस्त्रिका प्राणायाम और कपालभाति आमतौर पर समान दिखते हैं लेकिन वास्तव में दोनों काफी अलग हैं। सांस लेने के इस व्यायाम के लिए आपको तेजी से सांस लेने और छोड़ने की आवश्यकता होती है। यह योगाभ्यास शरीर में गर्मी पैदा करता है और फेफड़ों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में सहायक माना जाता है। हृदय और उच्च रक्तचाप की समस्या से पीड़ित लोगों को इससे बचना चाहिए।
विज्ञापन

4 of 4
सांस वाले योगाभ्यास - फोटो : Pixabay
मूर्छा प्राणायाम
मूर्छा प्राणायाम के अभ्यास को सेहत के लिए विशेष लाभदायक माना जाता है। इस अभ्यास को करते समय एक व्यक्ति को धीरे-धीरे सांस लेनी होती है और इसे लंबे समय इसे अंदर रखना होता है। फेफड़ों के साथ साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाए रखने के लिए रोजाना इस योग का अभ्यास किया जा सकता है।


------------------
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें