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Yoga Tips: शरीर का फैट कम करने, बेहतर रक्त संचार और पाचन में लाभकारी है भुजंगासन योग, रोजाना करें इसका अभ्यास

Fri, 28 Oct 2022 11:49 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भुजंगासन योग करने के लाभ - फोटो : Istock
योग सिर्फ मानसिक ही नहीं, कई प्रकार की शारीरिक स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करने में भी मददगार हो सकते हैं। मोटापा के खतरे को कम करने, रक्त संचार को बेहतर बनाने से लेकर पाचन स्वास्थ्य में सुधार के लिए भुजंगासन योग के अभ्यास से लाभ पाया जा सकता है। भुजंगासन योग का अभ्यास आसान और अति प्रभावी है, जिसे हर उम्र के लोग करके आसानी से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं। दिनचर्या में नियमित रूप से इस योग को शामिल करके लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के कारण होने वाली कई तरह की समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है।

भुजंगासन योग, भुजंग शब्द से आया है जिसका अर्थ है कोबरा या सांप। भुजंगासन योग के अभ्यास के दौरान धड़ की स्थिति कोबरा के तरह करनी होती है। यह सूर्य नमस्कार की श्रृंखला का ही एक आसन है। इस आसन के दौरान पेट के बल लेटकर शरीर के अगले हिस्से को सामने की ओर उठाया जाता जिससे तनाव सहित पीठ-कमर और मांसपेशियों की समस्याओं के जोखिम को कम करने में विशेष लाभ मिल सकता है।

आइए नियमित रूप से भुजंगासन योग को करने से होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं।
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फैट कम करने वाले योगाभ्यास - फोटो : istock
फैट को कम करने के लिए करें अभ्यास

भुजंगासन योग का अभ्यास उन लोगों के लिए विशेष लाभप्रद हो सकता है जो वजन कम करने की कोशिशों में लगे हुए हैं। यह पेट के हिस्से से अतिरिक्त फैट को कम करने, मांसपेशियों की शक्ति और कार्यक्षमता को बढ़ाने में आपके लिए लाभकारी माना जाता है। इस आसन के अभ्यास से मेटाबॉलिज्म भी बूस्ट होता है, जिससे कैलोरी बर्न होती है। इसके अलावा, कोबरा पोज़ योग, अतिरिक्त वसा को कम करते हुए और रीढ़ की मांसपेशियों को टोन करने और पीठ के दर्द से राहत दिलाने में विशेष लाभकारी अभ्यास है।
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पाचन को ठीक रखने वाले योगासन - फोटो : Pixabay
पाचन विकारों में मिलता है लाभ

गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं के लिए भी भुजंगासन योग के नियमित अभ्यास से लाभ पाया जा सकता है। इस आसन के नियमित अभ्यास से पाचन अंगों की कार्यक्षमता बढ़ती है और इसे पाचन रस के  स्राव को उत्तेजित करने वाला अभ्यास भी माना जाता है। यह भोजन के बेहतर अवशोषण को सुनिश्चित करने वाला अभ्यास है। जिन लोगों को अक्सर कब्ज या पेट से संबंधित समस्याएं बनी रहती हैं, ऐसे लोगों को कोबरा पोज के अभ्यास से लाभ मिल सकता है।
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कोबरा पोज योग से दर्द में आराम - फोटो : istock
रक्त परिसंचरण और लचीलेपन में होता है सुधार

भुजंगासन योग मुद्रा हृदय और विभिन्न अंगों की रक्त वाहिकाओं में ऑक्सीजन के बेहतर संचालन में मदद करता है। अच्छा रक्त परिसंचरण, अपशिष्ट उत्पादों को कम करते हुए पोषक तत्वों और हार्मोन को बढ़ावा देता है। इसे पीठ के निचले हिस्से के दर्द और विकारों के जोखिम को कम करने वाले अभ्यास के तौर पर भी जाना जाता है। जिन लोगों को पीठ-कमर में दर्द रहती है उन्हें इस योग के अभ्यास से विशेष लाभ मिल सकता है। दिनचर्या में भुजंगासन को शामिल करना सेहत के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।




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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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