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आज का योगासन: भुजंगासन योग के नियमित अभ्यास से दूर हो जाएंगी ये दिक्कतें, ऐसे रोगियों को जरूर करना चाहिए यह योग

Fri, 28 Jan 2022 11:56 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भुजंगासन योग करने के लाभ - फोटो : Istock
शरीर के फिटनेस को बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को नियमित रूप से योग करने की सलाह देते हैं। शरीर की सक्रियता को बनाए रखने के साथ लचीलेपन को बढ़ावा देने के लिए योग का नियमित अभ्यास करना काफी लाभदायक माना जाता है। कई तरह के रोगों के खतरे को कम करने में भी योग के अभ्यास को फायदेमंद माना जाता है। योग विशेषज्ञों के मुताबिक भुजंगासन जैसे योग का नियमित रूप से अभ्यास करना आपकी सेहत के लिए काफी लाभदायक हो सकता है।

भुजंगासन या कोबरा पोज के नियमित अभ्यास को सेहत के लिहाजे के काफी आवश्यक माना जाता है। कमर या पीठ के दर्द से परेशान लोगों के लिए इस योग का नियमित अभ्यास करना समस्याओं को कम करने में सहायक हो सकता है। शरीर में रक्त परिसंचरण को सही करने, मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और कई अन्य तरह की समस्याओं के खतरे को कम करने में भी भुजंगासन योग के नियमित अभ्यास को लाभदायक माना जाता है। आइए आगे की स्लाइडों में भुजंगासन योग करने से सेहत को होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं।
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रीढ़ के लिए फायदेमंद है कोबरा पोज - फोटो : iStock
पीठ और रीढ़ के लिए फायदेमंद
योग विशेषज्ञों के मुताबिक भुजंगासन आपकी पीठ की मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के लिए बहुत उपयोगी है। रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाने के लिए इस आसन का अभ्यास किया जा सकता है। यह आसन आपकी शरीर और रीढ़ की नसों को टोन करता है। भुजंगासन को पाचन, लिवर और किडनी के कार्यों में भी सुधार करने वाला योगासन माना जाता है।
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शरीर के लिए विशेष लाभदायक है भुजंगासन - फोटो : Pixabay
भुजंगासन के अन्य लाभ
योग विशेषज्ञों के मुताबिक भुजंगासन योग का अभ्यास करने से शरीर में होने वाली कई तरह की समस्याओं के जोखिम को भी कम करने में लाभ मिल सकता है। इस योग के नियमित अभ्यास से आपको तमाम तरह के फायदे हो सकते हैं।
  • रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है।
  • छाती और फेफड़ों, कंधों और पेट की मांसपेशियों को फैलाता है।
  • तनाव और थकान को दूर करने में मदद करता है।
  • साइटिका की समस्या को कम करने में लाभदायक।
  • अस्थमा के लक्षणों को कम करता है।
  • प्रजनन प्रणाली में सुधार करने के लिए इस अभ्यास को फायदेमंद माना जाता है।
  • अनियमित मासिक धर्म की समस्या भी दूर होती है।
  • ब्लड सर्कुलेशन बढ़ने से आपके चेहरे पर निखार आता है।



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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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