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Yoga Tips: भ्रामरी प्राणायाम के छह स्वास्थ्य लाभ, हर दिन अभ्यास से दिखेगा जल्द असर

Wed, 15 Jan 2025 06:32 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

इस प्राणायाम के नियमित अभ्यास से जल्द असर दिखता है और मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है।
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भ्रामरी प्राणायाम - फोटो : Amar Ujala
Bhramari Pranayama: प्राणायाम फेफड़ों को मजबूत करता है और श्वसन मांसपेशियों में ताकत लाने में सहायक है। प्राणायाम के अभ्यास से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। प्राणायाम कई प्रकार के होते हैं। अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं और स्वास्थ्य लाभ के लिए विभिन्न प्राणायाम के विकल्प हैं। इसमें से भ्रामरी प्राणायाम एक शांतिदायक योग क्रिया है, जिसमें मधुमक्खी जैसी भिनभिनाहट की ध्वनि उत्पन्न की जाती है। यह मानसिक शांति और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक है। इस प्राणायाम के नियमित अभ्यास से जल्द असर दिखता है और मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है।
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नींद में सुधार - फोटो : adobe stock
भ्रामरी प्राणायाम के छह प्रमुख स्वास्थ्य लाभ

तनाव और चिंता कम करता है

भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास मस्तिष्क की नसों को शांत करता है और तनाव हार्मोन (कॉर्टिसोल) के स्तर को कम करता है। इससे व्यक्ति को मानसिक शांति मिलती है और चिंता से राहत मिलती है।  

नींद में सुधार

नियमित अभ्यास से अनिद्रा की समस्या दूर होती है। भ्रामरी प्राणायाम मस्तिष्क को शांत करके अच्छी नींद लाने में मदद करता है।  
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रक्तचाप नियंत्रित करता है - फोटो : istock
मस्तिष्क को तेज बनाता है

यह प्राणायाम ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ाता है और याददाश्त को बेहतर करता है। बच्चों और छात्रों के लिए यह अभ्यास विशेष रूप से फायदेमंद है।  

रक्तचाप नियंत्रित करता है

भ्रामरी प्राणायाम हृदय गति को सामान्य करता है और ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) को नियंत्रित रखता है, जिससे हृदय रोगों का खतरा कम होता है।  

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इम्यूनिटी बूस्ट करता है - फोटो : istock
सांस संबंधी समस्याओं में सुधार

भ्रामरी प्राणायाम फेफड़ों की कार्यक्षमता को बढ़ाता है और अस्थमा या ब्रोंकाइटिस जैसी समस्याओं में आराम दिलाता है। भ्रामरी प्राणायाम से ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर होता है।  

इम्यूनिटी मजबूत होती है

प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करके शरीर को रोगों से दूर रखा जा सकता है। ये योगासन रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने में सहायक है, जिससे शरीर को बीमारियों से बचाने में मदद मिलती है।  
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प्राणायाम - फोटो : Freepik.com
भ्रामरी प्राणायाम कैसे करें

स्टेप 1-  प्राणायाम करने के लिए सबसे पहले जमीन पर आरामदायक मुद्रा में बैठ जाएं और आंखें बंद करके गहरी सांस लें।

स्टेप 2- फिर दोनों हाथों से कानों को बंद करें और अंगूठे से कानों को दबाएं। बाकी उंगलियों को माथे पर रखें। 

स्टेप 3-  गहरी सांस लेते हुए ऊँ का उच्चारण करें और मधुमक्खी जैसी ध्वनि निकालें। यह प्रक्रिया 5-10 बार दोहराएं।  

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नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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