फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

योग टिप्स: मोबाइल से ब्रेक लेने का सबसे आसान तरीका? ट्राई करें ये 10 मिनट का योग रूटीन

Sun, 18 Oct 2026 06:30 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

10 Minute Digital Detox: 10 मिनट का डिजिटल डिटॉक्स योग रूटीन अपनाएं। जानें आसान योगासन, ब्रीदिंग एक्सरसाइज और स्क्रीन टाइम से ब्रेक लेने के तरीके।
विज्ञापन
1 of 5
Digital Detox Yoga - फोटो : AI
Digital Detox Yoga Tips: आज के डिजिटल दौर में सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक मोबाइल, लैपटॉप और टीवी हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन चुके हैं। सोशल मीडिया स्क्रॉल करना, लगातार नोटिफिकेशन देखना और घंटों स्क्रीन के सामने काम करना कई लोगों की आदत बन गई है। इसकी वजह से कभी-कभी आंखों में थकान, गर्दन में अकड़न, मानसिक बेचैनी और ध्यान लगाने में परेशानी महसूस हो सकती है। ऐसे में डिजिटल डिटॉक्स एक उपयोगी आदत साबित हो सकती है। इसका मतलब तकनीक को पूरी तरह छोड़ना नहीं, बल्कि कुछ समय के लिए स्क्रीन से दूरी बनाकर खुद पर ध्यान देना है।

योग, धीमी सांसों का अभ्यास और माइंडफुलनेस इस छोटे से ब्रेक को अधिक उपयोगी बना सकते हैं। अच्छी बात यह है कि इसके लिए आपको घंटों योग करने या किसी खास उपकरण की जरूरत नहीं है। रोजाना सिर्फ 10 मिनट निकालकर आप एक आसान डिजिटल डिटॉक्स योग रूटीन अपना सकते हैं। इससे शरीर को हल्का स्ट्रेच करने, सांसों पर ध्यान देने और व्यस्त दिनचर्या के बीच शांत समय निकालने में मदद मिल सकती है। आइए जानते हैं 10 मिनट का ऐसा आसान रूटीन, जिसे घर या ऑफिस में भी अपनाया जा सकता है।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
Yoga - फोटो : AI
पहले 1 मिनट मोबाइल से बनाएं दूरी

सबसे पहले मोबाइल को साइलेंट करके अपने से दूर रख दें। टीवी और लैपटॉप की स्क्रीन भी बंद कर दें। किसी शांत जगह पर आराम से बैठें और अपने कंधों को ढीला छोड़ दें। इस दौरान ईमेल, मैसेज या नोटिफिकेशन चेक करने से बचें। यह छोटा-सा कदम आपको वर्तमान पल पर ध्यान केंद्रित करने में मदद कर सकता है।


अगले 2 मिनट करें गहरी और सहज सांसों का अभ्यास

आरामदायक स्थिति में बैठकर धीरे-धीरे सांस अंदर लें और सहजता से बाहर छोड़ें। सांसों को जबरदस्ती रोकने या बहुत गहरी सांस लेने की जरूरत नहीं है। अपना ध्यान केवल सांसों की गति पर रखें। यदि मन बार-बार मोबाइल की ओर जाए, तो बिना खुद को दोष दिए ध्यान वापस सांसों पर ले आएं।
विज्ञापन

3 of 5
गर्दन की स्ट्रेचिंग - फोटो : AI
2 मिनट करें गर्दन और कंधों की हल्की स्ट्रेचिंग

लंबे समय तक स्क्रीन देखने से गर्दन और कंधों में अकड़न महसूस हो सकती है। गर्दन को धीरे-धीरे दाएं और बाएं घुमाने के बजाय आरामदायक सीमा में हल्का झुकाएं। इसके बाद कंधों को धीरे-धीरे आगे और पीछे घुमाएं। किसी भी मूवमेंट में झटका न दें और दर्द होने पर तुरंत रुक जाएं।


अगले 2 मिनट करें ताड़ासन और हल्की स्ट्रेचिंग

सीधे खड़े होकर पैरों को आरामदायक दूरी पर रखें। धीरे-धीरे हाथ ऊपर उठाएं और शरीर को हल्का लंबा खींचें। सामान्य रूप से सांस लेते रहें और कुछ क्षण इसी स्थिति में रहें। इसके बाद हाथ नीचे लाकर आराम करें। संतुलन में परेशानी हो तो दीवार या मजबूत सहारे का इस्तेमाल करें।

4 of 5
माइग्रेन के लिए योग - फोटो : AI
2 मिनट करें बालासन या आरामदायक विश्राम

यदि घुटनों और पीठ के लिए आरामदायक हो, तो बालासन करें। घुटनों के बल बैठकर शरीर को धीरे से आगे झुकाएं और माथे को सहारे पर टिकाएं। यदि यह आसन सहज न लगे, तो कुर्सी पर बैठकर हाथों और कंधों को आराम दें। किसी भी स्थिति में शरीर पर दबाव न डालें।


आखिरी 1 मिनट करें माइंडफुलनेस

आंखें बंद करना चाहें तो बंद करें, अन्यथा सामने किसी स्थिर बिंदु पर नजर रखें। अपनी सांसों, शरीर और आसपास की आवाजों पर ध्यान दें। मन में तय करें कि अगले कुछ समय तक मोबाइल केवल जरूरी काम के लिए इस्तेमाल करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
Yoga - फोटो : AI
डिजिटल डिटॉक्स योग को रोजाना की आदत कैसे बनाएं?

सुबह उठने के बाद या काम के बीच एक निश्चित समय पर यह रूटीन अपनाएं। भोजन के दौरान फोन दूर रखें और सोने से पहले स्क्रीन का इस्तेमाल कम करने की कोशिश करें। याद रखें कि 10 मिनट का योग डिजिटल आदतों को अपने आप नहीं बदलता, लेकिन यह स्क्रीन से नियमित ब्रेक लेने की शुरुआत बन सकता है।

डिजिटल डिटॉक्स का उद्देश्य तकनीक से भागना नहीं, बल्कि उसका संतुलित इस्तेमाल करना है। रोजाना कुछ मिनट अपने शरीर, सांसों और मन के लिए निकालें और अपने दिन में छोटे-छोटे ऑफलाइन पल शामिल करें।


डिजिटल डिटाॅक्स योग के फायदे
  • मानसिक आराम: माइंडफुलनेस और सांसों पर ध्यान देने से कुछ लोगों को तनाव कम महसूस करने में मदद मिल सकती है।
  • शरीर को हल्का मूवमेंट: गर्दन, कंधों और पीठ की हल्की स्ट्रेचिंग लंबे समय तक बैठे रहने के बीच मूवमेंट का अवसर देती है।
  • स्क्रीन से नियमित ब्रेक: फोन से दूरी बनाने की आदत विकसित करने में मदद मिल सकती है।
  • ध्यान केंद्रित करने का अभ्यास: सांसों और वर्तमान पल पर ध्यान देना माइंडफुलनेस का सरल अभ्यास है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें