World Post Day 2022: स्मार्ट फोन और इंटरनेट के दौर में लोग डाक सेवा को लगभग भूल से गए हैं लेकिन आज भी जिन जगहों पर आपका स्मार्ट फोन या इंटरनेट नहीं पहुंच पाता, वहां डाक पहुंच जाती है। डाक के महत्व को एक उदाहरण से समझ सकते हैं। एक भाई जो कि लद्दाख में किसी ऐसी जगह पर कार्यरत था, जहां हर समय नेटवर्क नहीं मिलता और ऑनलाइन डिलीवरी की सुविधा भी नहीं होती। रक्षाबंधन में छुट्टी न मिल पाने के कारण वह घर नहीं लौट पाता। भाई की कलाई सूनी न रहे, इसलिए बहन कई सारे ऑनलाइन माध्यमों, प्राइवेट कोरियर सेवा आदि के माध्यम से भाई को राखी भेजने की कोशिश करती है लेकिन सब कुछ फेल हो जाता है। अंत में वह रक्षाबंधन से कुछ दिन पहले डाक के जरिए राखी भेजती है और बहन की वह राखी सही समय पर भाई तक पहुंच जाती है। डाक की इसी उपयोगिता, महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 9 अक्टूबर को 'वर्ल्ड पोस्ट डे' यानी विश्व डाक दिवस मनाया जाता है।
चिट्ठी पत्र का दौर भले ही पहले के मुकाबले कम हो गया हो लेकिन आज भी संचार का यह माध्यम सबसे बेहतरीन माना जाता है। सैकड़ों संस्थाएं, कार्यालय आज भी आधिकारिक कार्य के लिए डाक पर भरोसा करते हैं। आईए जानते हैं विश्व डाक दिवस को मनाने की शुरुआत क्यों और कैसे हुई। साथ ही भारतीय डाक सेवा का इतिहास और विश्व में भारतीय डाक की भूमिका के बारे में भी जानें।