भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की ओर से प्रत्येक वर्ष 18 अप्रैल को विश्व धरोहर दिवस मनाया जाता है। धरोहर दिवस आयोजित करने का मकसद देश में स्थित राष्ट्रीय स्मारकों को संरक्षित करने के साथ ही आने वाली पीढ़ी को समर्पित करना है। यूं कहा जाए तो 18 अप्रैल वो खास दिन है, जो इस बात को याद दिलाता है कि हमें अपने आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहरों को बचाए रखने की कोशिश करते रहना चाहिए। विश्व धरोहर दिवस के खास अवसर पर आज हम आपको विश्व धरोहर की सूची में शामिल भारत के एक ऐसे जगह के बारे में बताएंगे, जहां केवल सन्नाटा ही पसरा रहता है।