भारत की जनसंख्या में होने वाली है भारी कमी
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मौसम की भूमिका
दुनिया के जानेमाने वैज्ञानिक मिशियो काकू ने एक किताब "फिजिक्स ऑफ फ्यूचर- द इन्वेंशन दैट ट्रांसफॉर्म अवर लाइव्स” में इस विषय में बहुत अच्छे तरीके से लिखा है। वे लिखते है की मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 2030 तक मौसम में जिस तरह के बदलाव के अनुमान है वो पूरे मानव प्रजाति के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। पर्यावरण का तापमान बढ़ेगा। पानी की कमी हो जाएगी जिससे ऑक्सीजन की कमी हो जाएगी। विशेषज्ञ तो यहां तक बताते है की जनसंख्या में सौ करोड़ तक की कमी देखने को मिल सकती है। वहीं अन्य वैज्ञानिकों का मानना है की मौसम से ज्यादा प्रजनन क्षमता में कमी के कारण जनसंख्या में कमी होगी।
नए-नए रोग आएंगे सामने
जिस तरह से दुनिया में मशीनीकरण तेज गति से रफ्तार पकड़ रहा है। इससे मानव प्रजाति प्रकृति से दूर होती जा रही है। ग्लोबल वार्मिंग भी तेजी से बढ़ रहा है। इसका परिणाम है की नई-नई बीमारियां पैदा हो रही हैं जिससे मृत्यु दर में काफी इजाफा देखने को मिल रहा है। मशीनों के कारण लोग आराम तलबी हो गए है, काम करना कम कर चुके है जिससे मांसपेशी कमजोर हो रही और शरीर कमजोर हो रहा है। यह प्रक्रिया तेजी से बढ़ रही है।