diet
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अब बात अगर डाइट कंट्रोल करके फिट होने के तरीके की करें तो डाइट को सही माना जाए या नहीं? यह मौजूदा दौर में एक बड़ा सवाल है, क्योंकि शरीर को वह सब चाहिए, जो उसकी जरूरत है। हम तोल-मोल कर बोल तो सकते हैं, मगर खा नहीं सकते! बशर्ते हमको कोई बीमारी न हो! डाइटिंग करके दुबला तो हुआ जा सकता है, मगर यह फिट होने का तरीका कतई नहीं हो सकता। वजह, जब इस तरीके से शरीर दुबला होगा तो कमजोर भी होगा और वह कमजोरी कई बीमारियों को जन्म दे सकती है।
शरीर की जरूरत से कम खाने और पौष्टिक आहार न लेने की आदत कमजोरी ही बढ़ाती है। इसलिए बेहतर है कि फिटनेस के लिए शरीर की जरूरतों का ध्यान रखें और डाइटिंग के गुलाम न बनें, क्योंकि हमारे आस-पास ऐसे कई उदाहरण मिल जाएंगे, जिन्हें डाइटिंग एवं जिम ने फिट कम और बीमार ज्यादा किया।
इस बारे में फिटनेस विशेषज्ञों का भी कहना है कि वर्कआउट के साथ उसी के हिसाब से खान-पान भी जरूरी है, मगर जो खाया जाए, वह नेचुरल हो, न कि आकर्षक शीशियों में भरे सप्लीमेंट हों। इन दिनों वर्कआउट का क्रेज महिलाओं में भी बहुत बढ़-चढ़कर देखा जा रहा है। जहां पुरुष मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए जिम जाते हैं, वहीं महिलाओं की प्राथमिकता अनावश्यक फैट को बर्न करना और फिट रहना होती है।