प्रतीकात्मक तस्वीर
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संस्कृत ग्रंथों में वसंत पर्व के समय मदन उत्सव एवं सुवसंतक नामक दो खास उत्सवों का वर्णन मिलता है। उदकश्वेडिका, सहकार मनिका, पुष्पवायिका, अम्सूरष-वादिका, नवपत्रिका आदि उत्सव भी इन दिनों मनाए जाने के उल्लेख हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, वसंत प्रकृति और मानव के संवेदनशील संबंधों का साकार रूप है। साहित्य की हर विधा में वसंत का वर्णन मिलता है। अश्वघोष, कालिदास, माघ और भारवि जैसे प्रख्यात संस्कृत कवियों का शृंगार है वसंत।