जंगल और नदी की स्वच्छता
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जंगल और नदी की स्वच्छता
पिछले कुछ वर्षों में कैंपिंग, ट्रैकिंग और जंगल सफारी का चलन बढ़ा है। अब लोग सिर्फ पर्यटन स्थलों को घूमने नहीं जाते, बल्कि वहां के माहौल के मुताबिक रहने भी जाते हैं। कैंपिंग, ट्रैकिंग के लिए लोग जंगलों की ओर रुख करते हैं। नदियों और झीलों में नौकाविहार का लुत्फ उठाते हैं। हालांकि इस दौरान वह पानी के स्त्रोत और जंगलों में कूड़ा फैलाकर गंदगी भी बढ़ाते हैं। ऐसा करने से बचें।
पेड़-पौधों को नुकसान न पहुंचाएं
सबसे जरूरी है पेड़ पौधों और हरियाली को बढ़ाएं, ना कि उनको नुकसान पहुंचाएं। हालांकि पर्यटक सेल्फी के चक्कर में फूल तोड़ना या पेड़ों पर नाम लिखना जैसे कार्य करते हैं जो प्रकृति के साथ अन्याय है।