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इस अनोखे गांव की यात्रा करके तबियत हो जाएगी खुश, यहां सीटी की धुन है लोगों का नाम

Wed, 07 Aug 2019 01:09 PM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क
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कितना भी शांत और अकेले रहना वाला इंसान हो जहां घूमने की बात आती है सबका मन झूम उठता है। सफरनामे का मजा ही कुछ और है खाली लंबी सडकों पर परिवार या दोस्तों के साथ मस्ती करते हुए रास्ता तय करना सभी को पसंद होता है। रास्ता हरा भरा हो तो नजारा ही कुछ और होता है। ऐसे में हम आपको आज उस बेहतरीन जगह के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पहुंचकर तबियत खुश हो जाएगी। 
 
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क्या आपने मेघालय में व्हिसलिंग विलेज के बारे में सुना है? शांतिपूर्ण कोंगथोंग गांव एक खास तरह की, पुराने जमाने की सीटी बजाने के अभ्यास के कारण पर्यटक आकर्षण के केंद्र में बदल गया है।अपने पहाड़ी इलाक़ों और राजसी झरनों के साथ, जंगल की खोज करते हुए और प्रकृति की वास्तविक महिमा मेघालय को बहुत खास बनती है। जबकि शिलांग, चेरापूंजी और मावलिनोंग मेघालय में लोकप्रिय पर्यटन स्थल हैं, कोंगथोंग के सुरम्य हैम तेजी से अपनी अनूठी और प्राचीन प्रथा के चलते वायरल होने के बाद तेजी से चर्चित हो रहे हैं। पुराने समय से, दूरदराज के गांव प्रत्येक निवासी के लिए नामों के बजाय सीटी की धुनों का उपयोग करते हैं और यह पुराने जमाने की परंपरा आज भी निभाई जाती है। 
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शिलांग से 56 किलोमीटर की दूरी पर स्थित, कोंगथोंग गांव एक आदिवासी संस्कृति की गवाही देता है, जो ग्रामीण जीवन से जुड़ी आकर्षक सादगी को उजागर करती है। किसी व्यक्ति को बुलाने के लिए सीटी बजाने का काम गांव में गहराई से समाहित हो गया है, और माताएं अपने जन्म के बाद अपने बच्चों का नाम रखने के लिए विशेष सुर (जिंगराई लवेबी के नाम से जानी जाती हैं) बनाती हैं।

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व्हिसलिंग गांव में हर निवासी का नाम एक ऐसा गीत है जिसे उनकी मां ने लोरी के रूप में उनके लिए गाया था। ये अविश्वसनीय है इसलिए एक बार घूमने जरूर जाएं, यह असाधारण प्रथा अभी भी कोंगथोंग में प्रचलित है, हालांकि आजकल के बच्चों के पास भी उचित नाम हैं।
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सीटी संस्कृति को यहां मातृ प्रेम के एक शक्तिशाली प्रतीक के रूप में माना जाता है। इस अनूठी प्रथा को संरक्षित करने और आधुनिकता में लिपटे तेजी से बदलती दुनिया में इसे मरने से रोकने के प्रयास में, इंटेलीजेंट कल्चरल हेरिटेज की प्रसिद्ध यूनेस्को की सूची में मेघालय के कोंगथोंग गांव की विशेषता के लिए एक आवश्यक दलील दी गई है। वास्तव में न केवल अपने प्रियजनों के साथ संवाद करने का यह दुर्लभ तरीका, बल्कि आपके पड़ोसी और अलग-थलग गांव के अन्य निवासी भी प्रशंसा के योग्य हैं, जो आपको अपनी जड़ों में एकांत खोजने के साथ-साथ खुद को संस्कृति से जोड़े रखते हैं।
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