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Shrikhand Mahadev Yatra: अमरनाथ से भी ज्यादा कठिन है श्रीखंड महादेव की यात्रा, जानें कब और कैसे पहुंचें

Wed, 19 Jul 2023 10:26 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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Shrikhand Mahadev - फोटो : istock
Shrikhand Mahadev Yatra 2023: अमरनाथ यात्रा को हिंदू धर्म में सबसे प्रमुख धार्मिक यात्राओं में गिना जाता है। अमरनाथ की यात्रा काफी दुर्गम और कठिन मानी जाती है, लेकिन विश्व की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में से एक श्रीखंड महादेव की यात्रा है। श्रीखंड महादेव की यात्रा पर जाने की तैयारी है तो यह खबर आपके काम की है।

7 जुलाई से श्रीखंड महादेव की यात्रा शुरू हो रही है। यह स्थल हिमाचल प्रदेश में है, जहां दुर्गम क्षेत्रों से होते हुए जा सकते हैं। इस स्थान का धार्मिक महत्व भी है। श्रीखंड महादेव के दर्शन धार्मिक यात्रा के साथ ही रोमांचक सफर का भी अनुभव देगा। इस जोखिम भरी यात्रा को 32 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चलनी पड़ती है।
 
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shrikhand mahadev yatra
श्रीखंड महादेव यात्रा

श्रीखंड महादेव 18570 फीट ऊंचाई पर स्थित है, यहां पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 32 किलोमीटर पैदल यात्रा करनी पड़ती है। इस दौरान ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी का सामना करना पड़ सकता है। कहा जाता है कि अमरनाथ यात्रा से ज्यादा कठिन यह यात्रा है।
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shrikhand mahadev
क्यों प्रसिद्ध है श्रीखंड महादेव

मान्यता है कि भस्मासुर भगवान शिव को मारने के लिए उनके पीछे पड़ गया। इस पर माता पार्वती राक्षस के डर से रो पड़ी। उनके आंसुओं से यहां नयन सरोवर का निर्माण हुआ, जिसकी एक धारा 25 किलोमीटर नीचे भगवान शिव की गुफी निरमंड के देव ढांक तक गिरती है। कहते हैं कि वनवास के दौरान पांडव इसी स्थान पर रुके थे।

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कैसे करें श्रीखंड महादेव की यात्रा

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से यात्रा की शुरुआत होगी। 32 किलोमीटर की पैदल यात्रा के दौरान कठिन मार्ग और ग्लेशियर से होकर गुजरना पड़ेगा। रास्ते में मेडिकल और भंडारे की सुविधा मिलती है। यात्रा को पूरा करने में पांच से छह दिन का वक्त लगता है।
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Shrikhand Mahadev - फोटो : istock
पार्वती बाग से श्रीखंड महादेव तक बर्फीला रास्ता पैदल चलने के लिए बनाया गया है। यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी दी गई है। कुल्लू के आनी के जाओं में बेस कैंप बनाया गया है। इसके अलावा 4 जगह कैंप लगाए गए हैं।
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