शारदीय नवरात्रि का पर्व 15 अक्तूबर, रविवार से शुरू हो चुका है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना करने से इसका विशेष लाभ मिलता है। नवरात्रि में मां के दर्शन का भी विशेष महत्व है तो क्यों न इस बार मां के शक्तिपीठों की यात्रा की प्लानिंग कर ली जाए? अगर आप उत्तर प्रदेश में रहते हैं तो यहां मां के पांच शक्तिपीठ हैं, जिनके दर्शन की योजना इस बार के नवरात्रि में बना सकते हैं।
धर्मशास्त्र के अनुसार वैसे तो देवी के 51 शक्तिपीठ हैं लेकिन कुछ ग्रंथों में 52 शक्तिपीठों का उल्लेख मिलता है। राजा दक्ष की यज्ञ सभा में माता सती बिना पिता के निमंत्रण के पहुंच गई थीं। राजा दक्ष ने माता सती के सामने उनके पति का खूब अपमान किया। क्रोध में मां ने अग्नि कुंड में कूदकर प्राण त्याग दिए। इसके बाद क्रोधित भगवान शिव वहां पहुंचे और सती का शव लेकर शिव तांडव करने लगे। ब्रह्मांड पर प्रलय आने लगी, जिस पर विष्णु भगवान ने इसे रोकने के लिए सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर के टुकड़े कर दिए। माता के शरीर के अंग और आभूषण 52 टुकड़ों में धरती पर अलग अलग जगहों पर गिरे, जिन्हें शक्तिपीठ के रूप जाना जाता है।
आइए जानते हैं उत्तर प्रदेश में कौन से शक्तिपीठ हैं जिनके दर्शन किए जा सकते हैं।