परिवार और दोस्तों के साथ तो अक्सर घूमने जाते होंगे। मगर सोलो ट्रिप यानी अकेले कहीं घूमने जाने का मजा ही कुछ और होता है। आप अपने साथ कुछ समय बिता पाते हैं। अगर कुछ दिनों के लिए खुद के साथ समय बिताने की सोच रहे हैं तो हम उत्तराखंड की उस जगह के बारे में बताने जा रहे हैं तो करीब 16 हजार फीट ऊंचाई पर है और यहां पहुंचकर आपका दिमाग खुल जाएगा।
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उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित है रूपकुंड ट्रैक आपको रोमांच से भर देगा। यहां दूर-दूर तक घने जंगल हैं, साथ ही यहां की रूपकुंड झील और ये जगह काफी रहस्मयी है। हालांकि, चारों तरफ पर्वतों की घाटियां इस जगह को और भी ज्यादा शानदार बना देती हैं। ये हिमालय की दो चोटियों त्रिशूल और नंदघुंगटी के तल के पास स्थित है। यहां कई लोग ट्रैकिंग करते नजर आ जाएंगे। यहां कुछ मंदिर और एक छोटी सी झील भी है, जो इस जगह की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। इसके अलावा आसपास गहरी ढलानों पर झरने यात्रियों को अपनी ओर और आकर्षित करते हैं।
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रूपकुंड झील को कंकाल झील भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि 1942 में यहां पर पांच सौ से अधिक कंकाल पाए गए थे। तब से ही इस झील को कंकाल झील के नाम से भी जाना जाता है। जानकार बताते हैं कि इन कंकालों का जब परीक्षण हुआ तो पता चला कि वो 12वीं और 15वीं सदी के बीच के लोगों के थे।
ऐसे पहुचें
रूपकुंड जाने के लिए पहले हरिद्वार जाएं। इसके बाद ऋषिकेश फिर देवप्रयाग। वहां से श्रीनगर गढ़वाल जाना होगा। इसके बाद कर्णप्रयाग फिर थराली जाएं। इसके बाद देबाल और फिर वांण-बेदनी बुग्याल फिर बखुवाबासा पहुंचेंगे। जहां से आपको केलू विनायक जाना होगा। फिर आप रूपकुंड पहुंच जाएंगे।