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बहुत घूम चुके हिल स्टेशन अब रुख करें मलावली, शांति में बिताए ये पल जिंदगी भर रहेंगे याद

Thu, 22 Aug 2019 05:39 PM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क
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अब तक आपने वादियों, पहाड़ों और बीच पर काफी छुट्टियां बिताई होंगी। हर बार वही चीजें देखकर भले सुकून मिलता हो लेकिन कुछ नया देखने की उत्सुकता भी होनी चाहिए। तो इन छुट्टियों के लिए हम आपको ऐसी जगह के बार में बताने जा रहे हैं, जहां ज्यादा हरियाली तो नहीं है लेकिन इतनी शांति है कि आप सुबह से शाम तक वही रह जाएंगे। साथ में, कुछ नया सिखने और जानने को मिलेगा वो अलग। 


 
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अगर बौद्ध धर्म को करीब से जानना है तो इसके लिए देश के पूर्वी हिस्से में नहीं, बल्कि पश्चिमी हिस्से का रुख करें। लोनावला से पुणे जाने वाले एक्सप्रेस वे पर मालावली में बौद्ध धर्म से संबंधित बहुत सी गुफाएं हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि इन्हें चट्टानों को काटकर बनाया गया है। इनमें से एक गुफा का नाम कार्ले है, जिसे ईसा पूर्व दूसरी सदी में बनाया गया था। इन गुफाओं में गजब की नक्काशी देखने को मिलेगी। 
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इन गुफाओं को हीनयान संप्रदाय द्वारा बनाया गया था। बाद में इसका नियंत्रण महायान संप्रदाय ने अपने हाथ में ले लिया। इस गुफा के बाहर कोली मंदिर है। यहां पर ऐसी करीब 16 गुफाएं मौजूद हैं। इन्हीं गुफाओं में बौद्ध धर्म का सबसे बड़ा प्रार्थना कक्ष भी मौजूद है, जिसका नाम चैत्यग्रह है। इसकी छत स्तंभो पर बनी है, जिसके बीच इंसान, हाथी, घोड़े की मूर्तियां बनाई गई हैं।

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इसके अंत में बना स्तूप, प्रेवश द्वार पर बनी खिड़की से आने वाली सूर्य की किरणों से प्रकाशित होता है। यहां पर सारनाथ के जैसा ही बना एक अशोक स्तंभ भी मौजूद है। ये गुफाएं कभी बौद्ध मठ हुआ करती थीं। इसके दक्षिण में भज की गुफाएं भी हैं, जहां पर आपको बौद्ध धर्म की उम्दा वास्तुकला का नमूना देखने को मिलेगा। 
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कैसे पहुंचें 
इस शांतिमय जगह पर पहुंचने के लिए आपको लोनावला रेलवे स्टेशन जाना होगा। अगर रोड ट्रिप पर जाने की सोच रहे हैं तो दो से तीन घंटे का समय लगेगा। यहां पहुंचने के लिए बस और कैब सेवा भी उपलब्ध है। 
 
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