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Marriage Tips: ये हैं आदर्श बहू बनने के गुण, ससुराल वाले हमेशा रहेंगे खुश

Thu, 13 Jul 2023 10:45 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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आदर्श बहू के गुण - फोटो : istock
Qualities Of Adarsh Bahu: शादी के बाद महिला का रिश्ता अपने पति के परिवार से भी जुड़ जाता है। पति का घर और परिवार ससुराल कहलाता है। महिला सिर्फ पत्नी नहीं, बल्कि बहू की जिम्मेदारी में भी आ जाती है। किसी नए रिश्ते में बंधने के बाद बहू को उन रिश्तों को निभाना भी होता है और आपसी संबंध को मजबूत भी बनाना होता है।

कहा जाता है कि जब बहू ससुराल को जोड़कर रखती है, पति के परिवार को अपना परिवार बना लेती है तो इस तरह की महिलाएं आदर्श बहू की श्रेणी में आती हैं। सवाल यह है कि आदर्श बहू कैसे बनें? अगर आपकी शादी होने वाली है या हाल ही में शादी के बंधन में बंधी है तो आपको ससुराल वालों को इम्प्रेस करने के लिए आदर्श बहू के इन गुणों को अपनाना चाहिए।
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आदर्श बहू के गुण - फोटो : istock
सबका सम्मान

एक आदर्श बहू बनने के लिए सबसे पहले अपने ससुराल वालों से जुड़ना होगा। इसके लिए ससुराल के सदस्यों का सम्मान करें। सास-ससुर हों या देवर व ननद हों, सभी का सम्मान करें। सम्मान के साथ परिवार के हर एक रिश्ते से जुड़ना शुरू करें, इससे रिश्ते में समझ बढ़ेगी और आप एक आदर्श बहू बन पाएंगी।
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आदर्श बहू के गुण - फोटो : istock
परंपराओं को समझें

शादी के बाद लड़की जब ससुराल आती है तो उसके लिए सब कुछ नया होता है। नया परिवेश, नए लोग और नए रीति रिवाज में महिला को ढलना व अपनाना होता है। आदर्श बहू ससुराल के रिवाजों और परंपराओं को समझ कर उन्हें मानें और निभाएं, क्योंकि अब आप उस घर का हिस्सा बन गए हैं।

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आदर्श बहू के गुण - फोटो : istock
पति और परिवार को समझें

महिला का रिश्ता पहले पति से जुड़ता है और साथ ही उसके परिवार से भी। इसलिए शादी के बाद महिला को अपने पति के विचारों और पसंद के बारे में जानना चाहिए। यह आदर्श पत्नी के गुण हैं लेकिन आदर्श बहू बनने के लिए उसे ससुराल के सदस्यों को समझना चाहिए। ससुराल के छोटे-बड़े सदस्य की पसंद नापसंद को समझें।
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आदर्श बहू के गुण - फोटो : istock
सलाह भी जरूरी

बहू के अपने विचार और पसंद नापसंद हो सकते हैं, लेकिन ससुराल में नए होने के नाते आपको उनके विचारों से तालमेल बनाना होता है, इसलिए किसी कार्य या फैसले से पहले घर के बड़ों जैसे सास-ससुर या जेठ-जेठानी से सलाह लें। सलाह लेने से काम भी होते हैं और अनुभव से मार्गदर्शन भी मिलता है।
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