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Mahashivratri 2023: उत्तर प्रदेश में भगवान शिव के सबसे प्रसिद्ध मंदिर, महाशिवरात्रि के मौके पर करें दर्शन

Sat, 18 Feb 2023 12:48 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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यूपी के प्रसिद्ध शिव मंदिर - फोटो : istock
Mahashivratri 2023 Famous Shiv Temple in UP:  महाशिवरात्रि का पर्व इस वर्ष 18 फरवरी 2023 को मनाया जा रहा है। महाशिवरात्रि का पर्व महादेव भगवान शिव की उपासना का त्योहार है। हिंदू धर्म में इस पर्व का बहुत महत्व है। इस दिन लोग भगवान शिव की पूजा करते हैं और शिवलिंग पर जलाभिषेक कर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करते है। हिंदुओं की आस्था और विश्वास है जो महाशिवरात्रि के पावन मौके पर श्रद्धालुओं को देशभर के शिवालयों और ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए आकर्षित करता है। वैसे तो भारत में 12 ज्योतिर्लिंग, कई विश्व प्रसिद्ध शिव मंदिर हैं, जहां आप महाशिवरात्रि के मौके पर भगवान भोलेनाथ के दर्शन और पूजा अर्चना के लिए जा सकते हैं। हालांकि अगर आप उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और राज्य में ही करीब के प्रसिद्ध शिवालयों के दर्शन करना चाहते हैं तो भी आपको कई मंदिरों के विकल्प मिल सकते हैं। यह रहे यूपी में स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर, जहां भक्त महाशिवरात्रि पर दर्शन के लिए जा सकते हैं।
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ज्योतिर्लिंग - फोटो : amar ujala
काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग, बनारस

विश्व प्रसिद्ध 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक उत्तर प्रदेश में स्थित है। यूपी की पवित्र नगरी बनारस, जिसे काशी भी कहते हैं, वहां बाबा विश्वनाथ का धाम है। बनारस में गंगा नदी के पश्चिम घाट पर सातवें ज्योतिर्लिंग काशी विश्वनाथ का मंदिर है। मान्यता है कि भोले नाथ की प्रिय नगरी काशी भगवान शिव के त्रिशूल पर टिकी हुई है। वहीं धार्मिक आस्था के मुताबिक, ज्योतिर्लिंग के दर्शन मात्र से पाप मिट जाते हैं।
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गोला - फोटो : facebook
गोला गोकर्णनाथ

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में गोला तहसील में भगवान शिव की नगरी गोला गोकर्णनाथ स्थित है। इसे छोटा काशी भी कहते हैं। गोला गोकर्णनाथ के दर्शन के लिए दूर दराज से श्रद्धालु आते हैं। कहते हैं कि लंका के राजा रावण भगवान शिव को यहां लेकर आए थे। लंका जाते समय रास्ते में लघुशंका के लिए उन्होंने जमीन में भगवान शिव को रख दिया, जिसे बाद में वह जमीन से हिला भी न पाए। गुस्से में रावण ने अंगूठे से शिवलिंग को दबा दिया। इस स्थान को गोला गोकर्णनाथ कहते हैं और आज भी यहां स्थित शिवलिंग पर रावण के अंगूठे के निशान हैं।

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मनकामेश्वर धाम - फोटो : Facebook
मनकामेश्वर मंदिर

संगम नगरी प्रयागराज में सरस्वती घाट के पास यमुना नदी के तट पर मनकामेश्वर मंदिर स्थित है। इस मंदिर में सावन के मौके पर भक्तों की भीड़ लगती है। यहां भगवान शिव को सभी संगम जल से स्नान कराते हैं और उनके दर्शन करते हैं। इस स्थान का भी बहुत महत्व है। सोमवार और नवरात्रि के मौके पर तीर्थयात्री यहां अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं।
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गढ़मुक्तेश्वर - फोटो : अमर उजाला
गढ़ मुक्तेश्वर धाम

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में गंगा नदी के किनारे गढ़ मुक्तेश्वर धाम स्थित है। यहां प्राचीन शिवलिंग कारखंडेश्वर और मुक्तेश्वर महादेव का मंदिर स्थित है। मान्यता है कि परशुराम ने गढ़मुक्तेश्वर में भगवान शिव के मंदिर की स्थापना की थी। यह स्थान वल्लभ संप्रदाय का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां भी गढ़ मेले के दौरान काफी भीड़ होती है और श्रद्धालु दर्शन के लिए दूर दराज से पहुंचते हैं।
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लोधेश्वर मंदिर - फोटो : Social Media
लोधेश्वर महादेव मंदिर

कानपुर के प्रसिद्ध लोधेश्वर महादेव मंदिर में प्रतिवर्ष फाल्गुनी मेले में भीड़ देखने को मिलती है। लोग बिठुर और कानपुर से गंगाजल लेकर लोधेश्वर महादेव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। कहा जाता है कि इस मंदिर की स्थापना पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान की थी। सावन और महाशिवरात्रि पर भी यहां भक्त पहुंचते हैं।
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