एफिल टावर का नाम एक इंजीनियर गुस्तव एफिल के नाम पर रखा गया है। रात के वक्त यहां की तस्वीर खींचना गैरकानूनी है। दरअसल, इस टावर पर लगी लाइट्स के डिजाइन पर उसके कलाकारों का कॉपीराइट है। एफिल टावर के निर्माण 300 कारीगरों ने काम किया था। इसे बनाने में 18,038 लोहे के टुकड़े और 2.5 मिलियन कील का इस्तेमाल हुआ था। 18,038 लोहे के टुकड़े से बना है यह टावर