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झालावाड़, सभ्यता और संस्कृति का अद्भुत संगम जहां एक बार जरूर जाना चाहिए

Fri, 30 Aug 2019 08:25 AM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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- फोटो : pixa
राजस्थान की खूबसूरती का कोई अंत नहीं है। यहां पर बिखरी सुंदरता के नजारे बहुत ही अनमोल हैं क्योंकि इन नजारों में भारतीय सभ्यता की राजसी झलक नजर आती है। अगर आपको किले और उनमें बसी खूबसूरती नजर आती है और रंग-बिरंगी सभ्यता को देखने का जुनून है तो राजस्थान की जमीन से ऐसी ही सुंदर जगह के बारे में आज जानकारी लेकर आए हैं। जिसे पढ़ने के बाद आप खुद को इस खूबसूरत धरती पर जाने से रोक नहीं पाएंगे। तो आइए जानते हैं कि वो कौन सी जगह है।
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झालावाड़, राजस्थान
हम जिस शहर के बारे में बात कर रहें हैं वो है झालावाड़। राजस्थान के दक्षिणी हिस्से में बसे इस शहर में देखने के लिए बहुत कुछ हैं। यह शहर पहले चौहान राजपूतों से यु्द्ध करने वाले झालाओं की जमीन थी। अगर आप किलों और प्राचीन मंदिरों को देखना पसंद करते हैं तो ये जगह आपके लिए स्वर्ग के समान है। झालावाड़ में बिखरे इन किलों में से कौन सी जगह आपके घूमने लायक है, आइए जाने।

 
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गढ़ पैलेस
गढ़ पैलेस को महाराजा मदन सिंह और उनकी 1838 से 1854 के बीच मिली विजय की याद में बनाया गया था। शहर की सबसे मुख्य जगह यहीं है।

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भवानी नाट्यशाला
अगर आपको उस जमाने के मनोरंजन के केंद्र के बारे में पता करना है तो एक बार भवानी नाट्यशाला में जरूर देखें। फारसी विधि से बने इस सांस्कृतिक मंच को देखना अद्भुत है। गढ़ पैलेस के परिसर में बने इस नाट्यशाला को देखने से पता चलता है कि महाराजा लोग कैसे अपना मनोरंजन करते थे।

 
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चन्द्रभागा मंदिर
झालावाड़ के निवासी किसी भी खास दिन पर इस पवित्र मंदिर पर इकट्ठा होते हैं। इस मंदिर का नाम चंद्रभागा मंदिर है। शहर के बाहरी छोर पर बह रही चंद्रभागा नदी के किनारे यह बना है। इस मंदिर की वास्तुकला में इसमें बने खंभों का बहुत योगदान है।

 
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झालरापाटन
झालवाड़ जिले से छह किमी दूर बने इस छोटी सी जगह को घंटियों का शहर भी कहते हैं। यहां पर भी देखने के लिए बहुत से प्राचीन मंदिर बने हैं। दसवीं सदी का पद्मनाभ सू्र्य मंदिर, ग्यारहवी सदी का शांतिनाथ जैन मंदिर, श्री द्वारिकाधीश मंदिर पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।

 
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झालावाड़ का मुख्य आकर्षण
झालावाड़ जाने का सोच रहें हैं तो एक बार ये जान लें कि यहां के प्रमुख त्योहार गणगौर, होली और दीवाली हैं। कार्तिक के समय यहां चंद्रभागा नदी पर बहुत बड़ा मेला लगता है। जिसमें बहुत से सैलानी हिस्सा लेने आते हैं। तो इस बार आप भी यहां की संस्कृति का हिस्सा बनिए। 
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