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कंचनजंगा के रहस्यों के बारे में कितना जानते हैं आप, चोटी पर न जाने के पीछे छुपी है ये वजह

Thu, 08 Apr 2021 02:25 PM IST
प्रकाश चंद जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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kangchenjunga - फोटो : pixabay
दुनिया में कई खूबसूरत जगह हैं, जहां लोग घूमने जाते हैं। हर साल लोग कई नई-नई जगहों पर जाते हैं, और वहां से कई अच्छी यादें लेकर लौटते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में कई ऐसी जगह भी हैं, जो रहस्यों से भरी पड़ी हैं? आपने कई कहानियां सुनी होंगी कि उस जगह पर कई रहस्य छुपे हैं। वहीं, क्या आप हिमालय की चोटी कंचनजंगा के रहस्यों के बारे में जानते हैं? शायद नहीं, तो चलिए हम आपको हिमालय की इस खास चोटी की खासियत के बारे में बताते हैं।
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kangchenjunga - फोटो : facebook/Circle Of India
इतने शब्दों से मिलकर बना है नाम
  • भले ही हमें कंचनजंगा एक नाम लगता हो, लेकिन ये चार शब्दों से मिलकर बना है। इसमें कांग यानी बर्फ, चेन यानी बड़ा, इजो यानी खजाना अंगा यानी पांच। ये तिब्बतियन शब्द है और इसका मतलब होता है कि बर्फ में दबे पांच खजाने। माना जाता है कि हर खजाना भगवान के द्वार रखा गया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
नहीं जाता कोई चोटी पर
  • जो ब्राउन और जॉर्ज बैंड। ये दोनों ऐसे शख्स थे जिन्होंने 25 मई 1955 को कंचनजंगा पर चढ़ाई की थी। इन दोनों ने स्थानीय निवासियों से ये वादा किया था कि वो पर्वत की चोटी पर नहीं चढ़ेंगे। माना जाता है कि कंचनजंगा की चोटी पर भगवानों का निवास होता है। इसलिए कोई भी वहां तक नहीं जाता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कहा जाता है कि आजतक कोई भी पर्वतारोही इसकी चोटी पर खड़ा नहीं हो पाया है। हालांकि, 200 पर्वतरोहियों ने  इसके काफी पास जाने की कोशिश की, जिसमें से कुछ लोग इसी कोशिश में मारे गए। इसलिए कोई भी कंचनजंगा चोटी से कुछ फिट दूर ही रूक जाता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
लोग गायब हो जाते हैं
  • कहा जाता है कि यहां कई लोग गायब भी हो चुके हैं। तुलशुक लिंग्पा नाम का एक तिब्बतियन भिक्षु अपने 12 साथियों के साथ एक नए रास्ते की खोज पर इस चोटी पर निकला था। वो जोर-जोर से मंत्र पढ़ता हुआ जा रहा है। लोग मानते हैं कि इसके बाद वो कहीं गायब हो गया। वहीं, कुछ लोग कहते हैं कि वो हिमस्खलन का शिकार हो गया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : twitter.com/sst8848
शव नहीं मिलते
  • कहा ये भी जाता है कि कंचनजंगा पर आज तक जिन लोगों की भी मौत हुई, उनके शव आज तक नहीं मिले। साल 1992 में एक पोलिश पर्वतारोही वांड ने कंचनजंगा पर जाने की कोशिश की। वो हिमालय की सभी 14 चोटियों पर चढ़ाई करने वाली पहली महिला बनना चाहती थी, लेकिन वो अचानक गायब हो गई और उसका शरीर आज तक नही मिला।
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