वृंदावन के प्रेम मंदिर का द्वार
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बांके बिहारी मंदिर
यहां से वृंदावन जाएं जहां भगवान कृष्ण को समर्पित श्री बांके बिहारी मंदिर है। इस मंदिर की इमारत राजस्थानी शैली में बनी है। मंदिर में भगवान कृष्ण की छवि बच्चे के रूप में है। इस मंदिर में एक भी घंटी या शंख नहीं है, क्योंकि मान्यता है कि भगवान को यहां इन वाद्ययंत्रों की आवाज पसंद नहीं थी।
रंगनाथ मंदिर
वृंदावन-मथुरा मार्ग पर श्री रंगनाथ मंदिर स्थित है, इसे रंगजी मंदिर भी कहते हैं। यह मंदिर भगवान कृष्ण के अवतार रंगनाथ जी को समर्पित है, जो दक्षिण भारतीय शैली में बना है। यहां भगवान कृष्ण की प्रतिमा दूल्हे के रूप में रखी है। वह दुल्हन गोदा हैं। यह उत्तर भारत के सबसे बड़े मंदिरों में से एक है।
प्रेम मंदिर
साल 2001 में जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज ने प्रेम मंदिर बनवाया था। इस मंदिर की खूबसूरती भक्तों को आकर्षित करती है। मंदिर परिसर के चारों ओर बगीचे हैं, जहां बड़ी बड़ी झांकियां देखने को मिलती हैं। इस मंदिर में शाम के समय जाना ज्यादा बेहतर रहेगा। इसके अलावा इस्काॅन मंदिर, द्वारिकाधीश मंदिर, निधिवन, गोवर्धन पर्वत, कुसुम सरोवर और यमुना घाट पर भी आप घूमने जा सकते हैं। इन सभी को घूमने के लिए दो दिन पर्याप्त हैं।