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Navratri 2022: मनवांछित फल के लिए देवी के इस मंदिर में धरना देते हैं भक्त, मनोकामनाएं होती है पूरी

Sat, 02 Apr 2022 09:15 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मां नेतुला मंदिर बिहार - फोटो : facebook
चैत्र का महीना हिंदू नववर्ष का पहला महीना होता है। इस महीने में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है, जिसे चैत्र नवरात्रि के तौर पर मनाया जाता है। वैसे तो साल में चार नवरात्रि मनाई जाती हैं लेकिन चैत्र और शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है। इस साल चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 02 अप्रैल 2022, शनिवार से है। चैत्र नवरात्रि का समापन 10 अप्रैल, सोमवार को होगा। इस पावन मौके पर भक्त माता के लिए व्रत रखते हैं। घर पर कलश की स्थापना कर मां को आमंत्रित करते हैं। वहीं कई श्रद्धालु नवरात्रि में माता के मंदिर में जाकर माथा टेकते हैं। भारत में मां के कई प्राचीन और पवित्र मंदिर है, जिसकी महत्ता और अद्भुत कहानियां व चमत्कार प्रसिद्ध हैं। 51 शक्तिपीठों के अलावा कई चमत्कारी मंदिर हैं, जहां पूजा अर्चना करने से मनोकामना का पूर्ति होती है। अगर आप नवरात्रि के मौके पर किसी मंदिर के दर्शन के लिए जाना चाहते हैं तो इस बार एक ऐसे देवी मंदिर में जाएं, जहां धरना देने से मां भक्तों की मुराद पूरी करती हैं। अगली स्लाइड्स में जानिए इस अद्भुत देवी मां के पावन मंदिर के बारे में।
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मां नेतुला मंदिर बिहार - फोटो : facebook
मां नेतुला मंदिर

जिस मंदिर के बारे में हम बताने जा रहे हैं, उसका नाम है नेतुला मंदिर। यह मंदिर बिहार के जमुई जिले में स्थित है। यहां सिकंदरा प्रखंड के कुमार गांव में देवी का प्रसिद्ध नेतुला मंदिर है। वैसे तो इस मंदिर में साल भर भक्तों का जमावड़ा रहता है लेकिन नवरात्रि के समय इस पावन मंदिर में काफी भीड़ हो जाती है।
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मां नेतुला मंदिर बिहार - फोटो : istock
माता के 51 शक्तिपीठ में से एक है नेतुला मंदिर

माता सती के शरीर को जब भगवान शिव लेकर जा रहे थे, तो उनके शरीर के अंग जहां जहां गिरे, वह शक्तिपीठ बन गया। इस तरह कुल 51 शक्तिपीठ हैं। बिहार का नेतुला मंदिर देवी के शक्तिपीठों में से एक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पावन स्थान पर माता सती की पीठ गिरी थी।

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मां नेतुला मंदिर बिहार - फोटो : istock
मंगलवार और शनिवार को खास पूजा

वैसे तो मां नेतुला मंदिर में रोजाना पूजा, आरती होती है लेकिन मंगलवार और शनिवार को यहां विशेष पूजा की जाती है। मां नेतुला मंदिर में हर दिन सुबह और शाम मां का फूलों से श्रृंगार किया जाता है। आरती में स्थानीय लोगों से साथ ही दूर दराज से भक्त शामिल होने पहुंचते हैं।
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मां नेतुला मंदिर बिहार - फोटो : पीटीआई
धरना देने से मनोकामना पूरी

इस मंदिर को लेकर एक खास मान्यता भी है। कहा जाता है कि मां नेतुला मंदिर में अगर कोई भक्त सच्चे मन से 30 दिनों तक धरना देता है तो उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। मान्यता है कि मां नेतुला मंदिर में धरना देने से नि:संतान दंपत्ति को संतान की प्राप्ति और आंखों की रोशनी हो चुके भक्त को देखने की क्षमता वापस मिल जाती है।
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मां नेतुला मंदिर बिहार - फोटो : Facebook
धार्मिक एकता का प्रतीक मंदिर

यह हिंदू मंदिर धार्मिक एकता का भी प्रतीक है। मां नेतुला मंदिर में मुस्लिम समुदाय के लोग भी दर्शन करने आते हैं। माता की पूजा और दर्शन करने से उनके पाप उतर जाते हैं और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। 
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