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ये हैं भारत के सबसे बड़े और अनोखे मठ, विदेशी भी आते हैं यहां शांति की तलाश में

Wed, 20 Feb 2019 03:31 PM IST
प्रशांत राय लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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monastry
कभी-कभी हम सभी का मन करता है कि इस भीड़भाड़ भरी दुनिया से कुछ पल सुकून के बिताए जाएं। जहां खुद को जानने के लिए खुद के साथ कुछ टाइम स्पेंड किया जाए। लेकिन शांति से भरपूर डेस्टिनेशन आज के समय में खोजना मुश्किल है। ऐसे में हम आपको भारत के कई बेहतरीन मोनेस्ट्री यानी की मठों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां जाकर आपको आत्मिक शांति भी मिलेगी और आप खुद के साथ कुछ टाइम भी स्पेंड कर सकेंगे। कुछ ऐसे भी मठ हैं, जो अपने यहां एकांत की तलाश में घूम रहे यात्रियों को भी जगह देते हैं। इसी क्रम में आपको बताने जा रहे हैं भारत के कुछ ऐसे मठों के बारे में जहां से आप कुछ बेहतरीन यादें अपने साथ ले जायेंगे।
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hemis monastery
हेमिस मोनेस्ट्री ( Hemis Monastery )
खूबसूरत पहाड़ियों से ढका हुआ हेमिस मठ लद्दाख के सबसे बड़े मठों में से एक है। यह लेह से कुछ ही दूरी पर स्थित है। यह जगह उन लोगों के लिए एकदम परफेक्ट जगह है जो किसी से बातचीत करना पसंद नहीं करते हैं। मठ में रहते हुए कोई भी आसानी से सुबह की प्रार्थना सभा में शामिल हो सकता है। ये सभा आपको जिंदगी भर याद रहेगी। हेमिस मठ सबसे बड़ा और धनी है जो इस क्षेत्र में बौद्ध विरासत रखता है। इस मठ का इतिहास 11 वीं शताब्दी का है। लद्दाख के राजा - सेंगेग नामग्याल ने 1672 में इस मठ का पुनर्निर्माण किया। इस विशाल संरचना में क्षेत्र के शाही परिवार का संरक्षण था। इस मठ में सभी युवा लामाओं को भी प्रशिक्षित किया जाता है। इस मठ का आंतरिक भाग भगवान बुद्ध की एक सुंदर प्रतिमा के साथ कई भव्य चित्रों और स्तूपों के साथ है।
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thicksey monastry
थिकसे मोनेस्ट्री ( Thiksey monastery )
भारत में दूसरा सबसे प्रमुख मठ थिकसे मठ, सुंदर लेह क्षेत्र में एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। इस मठ में कई इमारतों को उनके महत्व और आकार के आरोही क्रम में पहाड़ी-ढलान के ऊपर से व्यवस्थित किया गया है। पूरी व्यवस्था आपको ग्रीस के एक टुकड़े को याद दिलाती है जिसमें सफेद रंग की इमारतों का समूह है। यहां के आकर्षण का केंद्र मठ से महज 15 मीटर की दूरी पर 1970 में निर्मित मैत्रेय मंदिर में 49 फीट ऊंची मैत्रेय बुद्ध (भविष्य के भगवान बुद्ध) की प्रतिमा है। थिकसे पूरी शिद्दत के साथ लेह और आसपास के शानदार इलाकों पर अपनी नजर रखता है। जब मौसम बादलों से भरा होता है, तो इस मठ से आपको लेह बादलों से पूरी तरह से घिरा हुआ दिखेगा। यहां कि हवा बिलकुल साफ और जादूई है, और भिक्षुओं के साथ यहां रुकना किसी आशिर्वाद से कम नहीं है। इस मठ में एक लाइब्रेरी भी है, जहां आप बौद्ध धर्म की कई पुरानी किताबें पढ़ सकते हैं। 
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rumtek monastery
रुमटेक मठ
सिक्किम में सबसे सुंदर और सबसे बड़े मठों में से एक है रुमटेक मठ जिसकी जड़ें तिब्बत में 12 वीं शताब्दी में हैं और यह एक सूर्फू में मूल की प्रतिकृति है। इस एक का मुख्य आकर्षण गंगटोक के पूरे शहर का सांस लेने वाला दृश्य है जो यहां से दिखाई देता है। 3 मंजिला मठ में विभिन्न थांगका पेंटिंग, दुर्लभ बौद्ध कलाकृतियां, भगवान बुद्ध के 1001 लघु सोने के मॉडल और ऐसी कई आकर्षक चीजें हैं। 16 वें करमापा (कर्म काग्यू स्कूल के प्रमुख) पहली मंजिल पर रहते हैं। मठ में बहुत सारी गतिविधियाँ, अनुष्ठान सेवाएं हैं, जिनमें सुबह और शाम का जप शामिल हैं।
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