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11वीं शताब्दी में बसा एक शहर, जो आज भी पर्यटकों के घूमने के लिए है शानदार 'डेस्टिनेशन'

Wed, 04 Sep 2019 07:16 AM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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- फोटो : pixa
सितंबर का महीना आते ही मौसम में थोड़ा बदलाव होना शुरू हो जाता है। चिपचिपाती हुई गर्मी और भारी बारिश से भी निजात मिलनी शुरू हो जाती है। ऐसे में अगर आप कहीं घूमने की योजना बना रहें हैं और आपको किसी नई जगह की खोज है। तो आज हम आपको बताने जा रहें हैं भारत के इस सबसे प्राचीन शहर के बारे में। जहां की खूबसूरती और सौन्दर्य आपका मन मोह लेगी। तो आइए जानते हैं हम किस शहर की बात कर रहे हैं।
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- फोटो : pixa
राजमुंदरी, आन्ध्र प्रदेश
भारत के सबसे प्राचीन शहरों में शामिल है राजमुंदरी। आन्ध्र प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी के नाम से मशहूर इस शहर में बहुत कुछ है देखने लायक। कहते हैं इस शहर का निर्माण ग्यारहवीं सदी में चालुक्य वंश के राजाओं ने कराया था। तो आइए जाने इस शहर में कौन सी जगह हैं घूमने के लिए।
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- फोटो : pixa
पापी हिल्स
अगर प्रकृति की सुंदरता आपके मन को भाती है तो ये हिल स्टेशन आपको कतई नहीं निराश करेगा। चारों तरफ हरियाली और ऊंची नीची पहाड़ियों को देखकर आपका मन प्रसन्न हो जाएगा। गोदावरी नदी के तट पर बसे इस शहर में बहुत कुछ है देखने के लिए।

 

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- फोटो : pixa
कादियापुलंक
राजमुंदरी शहर में बहुत सी चीजें हैं देखने के लिए, इन्हीं में से एक है कादियापुलंक। यह जगह शहर से आठ किमी दूर बनी है। यह एक छोटा सा गांव हैं जहां पर फूलों की खेती होती है। दूर-दूर से सैलानी यहां पर फूलों की बहुत सी किस्मों को देखने आते हैं। मोगरा, लिली, गुलाब के अलावा यहां पर सजावटी फूलों की भी खेती की जाती है। 
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- फोटो : pixa
गोदावरी नदी की सैर
राजमुंदरी की सैर बिना गोदावरी नदी को देखे पूरी नहीं हो सकती है। पहाड़ों और हरे-भरे पौधों से सराबोर इस नदी के नजारे देखने के लिए आप क्रूज या बोटिंग का मजा ले सकते है। गोदावरी नदी के ऊपर ही एशिया का सबसे लंबा पुल बना है। 28 खंभों पर बने इस पुल की लंबाई 2.7 किमी है।

 
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- फोटो : pixa
कोटिलिंगेश्वर मंदिर
प्राकृतिक नजारों के साथ ही यहां पर बहुत से प्राचीन मंदिर भी बने हुए हैं। इन मंदिरों में से एक है कोटिलिंगेश्वर मंदिर। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहां पर रावण ने भगवान शिव की पूजा करके उन्हें प्रसन्न किया था। इस मंदिर में शिवलिंग है जिसकी पूजा करने के लिए दूर-दूर से सैलानी आते हैं। इस मंदिर की वास्तुकला देखने लायक है।
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