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Teachers day 2020: जानिए उन राजनीतिक गुरुओं के बारे में, जिनके शिष्यों में कोई बना मुख्यमंत्री तो कोई केंद्रीय मंत्री

Sat, 05 Sep 2020 06:37 AM IST
Shashi Shashi लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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फाइल फोटो - फोटो : PTI
डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन् के जन्मदिवस पर 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह दिन शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों के योगदान को दर्शाता है। किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए शिष्य के जीवन में शिक्षक का महत्वपूर्ण योगदान होता है। आज हम जानेंगे, ऐसे ही राजनीतिक गुरुओं के बारे में जिनके शिष्यों ने राजनीति के क्षेत्र में अपना एक अलग मुकाम हासिल किया और देश के राजनीतिक गलियारे में मुख्यमंत्री पद से लेकर केंद्रीय मंत्री तक बने। तो चलिए जानते हैं...
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लोक नायक जयप्रकाश नारायण - फोटो : Facebook/Lok Sangathan
जय प्रकाश नारायण

जय प्रकाश नारायण, जिनको ज्यादातर लोग जेपी के नाम से जानते हैं। भारतीय राजनीति में इनकी एक अलग पहचान और मान है। इनके क्रांति आंदोलन से कई नेता निकले, जिन्होंने भारत की राजनीति में एक अलग पहचान बनाई। नीतीश कुमार जो इस समय बिहार के मुख्यमंत्री हैं, तो वहीं लालू प्रसाद यादव भी इस पद को संभाल चुके हैं। वहीं रविशंकर प्रसाद पूर्व केंद्रीय मंत्री पद समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। इस समय वे ऊपरी सदन में बिहार का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस लिस्ट में मुलायम सिंह यादव और मुख्तार अब्बास नकवी जैसे दिग्गज नेताओं के नाम भी शामिल हैं।
 
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अन्ना हजारे - फोटो : Facebook/Anna Hazare
अन्ना हजारे

क्रांतिकारी अन्ना हजारे गांधीवादी विचार की धारा रखते हैं। उन्होंने देशहित के लिए कई आंदोलन किए, लेकिन राजनीति से हमेशा दूर रहे। लेकिन उनके शिष्य आज देश की राजनीति में बड़ा नाम हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इन्हीं को अपना गुरु मानते हैं। तो वहीं मनीष मनीष सिसौदिया हो या पूर्व सैन्य जनरल वीके सिंह ये सभी अन्ना हजारे के शिष्य रह चुके हैं।
 

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राम मनोहर लोहिया - फोटो : Facebook/Digambar Kamat
राम मनोहर लोहिया

राम मनोहर लोहिया भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने के साथ और प्रखर समाजवादी नेता थे। उन्होंने ने ही गैर कांग्रेसवादी की नई सोच की अलख जलाई। राम मनोहर लोहिया के संपर्क में आने के बाद ही यूपी के मुख्यमंत्री रह चुके मुलायम सिंह यादव ने राजनीति का रुख किया था।
 
 
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एमजी रामचंद्रन की मूर्ति - फोटो : Facebook/MG Ramachandran
एमजी रामचंद्रन

एमजी रामचंद्रन दक्षिण भारत की राजनीति का एक बड़ा नाम और दिग्गज नेता रहे हैं। इन्होंने अपनी खुद की पार्टी बनाई और एक नया मुकाम हासिल किया। ये फिल्मी जगत छोड़कर राजनीति में आए। जिसके बाद ये अपनीइ शिष्य मशहूर अभिनेत्री जयलिलता को भी राजनीति में लाए। जयलिलता को तमिलनाडू में लोग आज भी आदर के साथ अम्मा के नाम से जानते हैं। इन्होंने दशकों तक तमिलनाडू की राजनीति में अपना लोहा मनवाया था।  
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चंद्रास्वामी (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook/Nayna Acharya Annapurna Bhojnalaya
चंद्रास्वामी

चंद्रास्वामी कभी सीधे तौर पर राजनीति में सक्रिय नहीं रहे। लेकिन इन्हें भारत के 10वें प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव का राजनीतिक गुरु माना जाता है। वक्त का एक दौर ऐसा भी था जब नरसिम्हा राव, चंद्रास्वामी से पूछे बिना कोई महत्वपूर्ण निर्णय नहीं करते थे। इनके अलावा भी कई और बड़े नेता उनके शिष्य थे।
 
 
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