shaheed diwas सुखदेव शिक्षक थे
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तीनों में थे अलग-अलग गुण
भगत सिंह अपने जीवन में क्रांतिकारी होने के साथ ही एक अच्छे वक्ता, पाठक व लेखक भी थे। उन्होंने कई पत्र-पत्रिकाओं के लिए लिखा व संपादन भी किया। वहीं सुखदेव भगतसिंह से मिलने से पहले शाम को गली- मोहल्ले में खेलने वाले वे बच्चे जिन्हें सब अस्पृश्य कहते थे, उन्हें शिक्षा प्रदान करते थे। राजगुरु के बारे में कहा जाता है कि वे एक बहुत अच्छे निशानेबाज हुआ करते थे।