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इन आसान तरीकों से कहें ओवरथिंकिंग को अलविदा, नहीं आएगी अवसाद की नौबत

Sat, 16 Jan 2021 05:21 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भविष्य के बारे में बिल्कुल न सोचें - फोटो : Social Media

ओवरथिंकिंग कभी भी और किसी को भी हो सकती है। ओवरथिंकिंग अपने साथ नकारात्मकता को भी लेकर आती है और यह नकारात्मकता अच्छे से अच्छे इंसान को परेशान कर देती है। इंसान यदि आगे बढ़ने का प्रयास भी करता है तो नकारात्मकता उसका पांव जकड़ लेती है लेकिन बहुत जरूरी है कि ऐसे समय में आप ज्यादा से ज्यादा सकारात्मक रहने का प्रयास करें। जीवन में हुई सभी अच्छी बातों को याद करें, भविष्य के बारे में बिल्कुल न सोचें क्योंकि भविष्य के बारे में कोई नहीं जानता है। अगली स्लाइड्स से जानिए किन आसान तरीकों से ओवरथिंकिंग को आराम से अलविदा कह सकते हैं, नहीं तो आगे चलकर यह आसानी से अवसाद का रूप ले लेगी। 

 

 

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आप पहले से बेहतर महसूस करने लगेंगे - फोटो : पेक्सेल्स

सही सोचो, गलत नहीं
व्यक्ति कई बार जीवन से जुड़ी नकारात्मक बात को लेकर बार-बार एक ही जगह पर उलझ जाता है। वह चाहकर भी आगे बढ़ नहीं पाता है। भय के कारण उसे बार-बार यही विचार खाता है कि यदि ऐसा हो गया तो। ऐसी स्थिति में बहुत जरूरी है कि जितना ज्यादा सकारात्मक आप सोच सकते हो, आप उतना सकारात्मक सोचो। यह सकारात्मक विचार ही आपकी नकारात्मकता को खत्म करेंगे इसलिए अच्छे से अच्छा सोचें। थोड़ी देर में आप पहले से बेहतर महसूस करने लगेंगे।

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अगले महीने तक ही सोचें - फोटो : Social media

समय सीमा के साथ सोचें
जब आप ओवरथिंकिंग करना शुरू करते हैं तो आपको खुद को भी नहीं पता होता है कि आप कहां तक पहुंचने वाले हैं। जितना लंबा और जितना दूर का विचार करेंगे, वो भी नकारात्मकता का भार ढोकर, आपके लिए यह उतना ही मुश्किल होता जाएगा। जिस विषय के बारे में आप आज से पांच साल के बाद की सोच रहे हैं, कोशिश करें कि उसे सिर्फ अगले महीने तक ही सोचें। आपकी समस्या का समाधान यहीं पर हो जाएगा।

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हरबार चीजें एक ही तरह से काम नहीं करती हैं - फोटो : अमर उजाला

अपने नजरिये को बदल डालें
ओवरथिंकिंंग के पीछे एक वजह होती है डर। आपको भविष्य को लेकर डर हो सकता है क्योंकि हो सकता है आप अतीत में विफल रहे हों पर यह बात दिमाग में बैठा लें कि हरबार चीजें एक ही तरह से काम नहीं करती हैं। इसका अर्थ यही है कि जैसे परिणाम पहले आए थे, वैसे परिणाम अब नहीं ही आएंगे। डर को मिटाएं और अच्छा सोचें क्योंकि अच्छा सोचने से सारे परिणाम आपके हित में हों, यह संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

 

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एक चिट्ठी पर लिख लें - फोटो : amar ujala
सोचने के लिए समय तय करें
बार-बार लंबे समय तक एक ही चीज सोचने की बजाय क्यों न सोचने के लिए एक समय तय कर लिया जाए। पूरे दिनभर में 5 से 10 मिनट सिर्फ सोचें और जो सब भी सोचा है उसे एक चिट्ठी पर लिख लें। इस चिट्ठी को अब फाड़कर फेंक दें। ऐसा करने से सारे नकारात्मक विचारों को आप अपनी तरफ से अलविदा कह चुके होंगे। अब वो सब चीजें करें. जो कि आपको सुकून पहुंचाती हैं। थोड़ी देर नाच लें, किताब पढ़ लें या कुछ ऐसा जो कि आपको पसंद आता हो। 
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